करनाल। दहेज और दुष्कर्म के मामले में चार लाख रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ी गई एएसआई सरिता की गिरफ्तारी का मामला कोई नया नहीं है। इससे पहले भी भ्रष्टाचार के मामले में खाकी दागदार हुई है। अलग-अलग मामलों में तीन पुलिस वालों को बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि तीन का डिमोशन हो चुका है। ऐसे में अब एकबार फिर एसपी गंगाराम पूनिया ने सभी थानों, चौकियों और सीआईए टीमों को निर्देश जारी किया है। साथ ही भ्रष्टाचार के मामले में शिकायत आने और संलिप्तता मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ये हो चुके हैं बर्खास्त
29 जून 2022 को सेक्टर-32,33 थाने में दुष्कर्म और दहेज के मामले में धारा हटाने के नाम पर चार लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़े जाने पर एएसआई सरिता को बर्खास्त किया गया है। इससे पहले 14 अप्रैल 2022 को ईएचसी मुकेश कुमार को लोगों को बातों में फंसाकर उनके जेवरात व नकदी चोरी करने की वारदात में आरोपी के साथ शामिल होने पर बर्खास्त किया गया था। वहीं 15 अप्रैल 2022 को ईएसआई अशोक कुमार को भी कुरुक्षेत्र के लाडवा में अवैध हथियार के साथ पकड़े गए आरोपी रवि को देसी पिस्तौल देने पर बर्खास्त किया जा चुका है।
इनकी हुई डिमोशन
मार्च 2020 में कुंजपुरा थाना क्षेत्र में रेत से भरी ट्रैक्टर ट्राली को रुपये लेकर छोड़ने पर तीन अगस्त 2021 को एसआई रामआसरे की डिमोशन कर उसे एएसआई बनाया गया। इसी प्रकार अप्रैल 2021 में संज्ञेय अपराध होने पर भी जानबूझकर एक महिला के बयान पर मामला दर्ज न करने पर 30 अक्टूबर 2021 को एएसआई बलबीर सिंह की डिमोशन कर उसे एचसी बनाया गया। वहीं इंद्री थाना के एक मामले में कार्रवाई करने के नाम पर रुपये लेने पर 26 फरवरी 2022 को एएसआई जयनारायण को एचसी बनया गया।
पुलिस कर्मचारी और अधिकारी रुपये मांगे तो दें सूचना
एसपी गंगाराम पूनिया ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी थाना, चौकी व सीआईए सहित कोई भी जांच टीम का पुलिस कर्मचारी व अधिकारी रुपये मांगता है तो उसकी जानकारी तुरंत कार्यालय में आकर व एसपी के मोबाइल नंबर 9729990700 पर कॉल व व्हाट्सअप पर दें, ताकि उस पुलिस कर्मचारी व अधिकारी पर कार्रवाई की जा सके।