फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिछले चार साल में बने पासपोर्ट की होगी जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। फर्जी दस्तावेजों पर पासपोर्ट बनवाने के मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एसपी गंगाराम पूनिया ने पिछले चार साल में बने पासपोर्ट की जांच के आदेश दे दिए हैं। अब पुलिस जांच करेंगी कि पिछले चार साल में जिले के कितने लोगों ने पासपोर्ट बनवाए हैं और वे असली हैं या फर्जी दस्तावेज पर बने हैं, क्योंकि इस मामले में यही हुआ है। व्यक्ति कोई और दस्तावेज व घर का पता किसी और का निकला है। अभी तक पुलिस ने इस मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से छह आरोपी पुलिस रिमांड पर चल रहे हैं। पुलिस ने सेक्टर-32, 33 थाने में सात मामले दर्ज किए हैं। इन सभी मामलों में अब तक 21 आरोपियों का नाम सामने आया है। इनमें से 16 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। इनमें दो पुलिस कर्मचारी, तीन एजेंट, दिल्ली के पासपोर्ट कार्यालय का क्लर्क और एक डाकघर का कर्मचारी भी शामिल है।
ये है पूरा मामला।
पुलिस के अनुसार एजेंट अंबाला निवासी रमन, करनाल निवासी अमित खटकड़ व दिल्ली निवासी महेश नारंग ने इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। रमन का पासपोर्ट बनवाने वाले आरोपियों से संपर्क था। अमित खटखड़ ने आरोपियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और
विज्ञापन

सेक्टर-32, 33 थाने के मुंशी नवीन और छोटे मुंशी राजेश से सांठगांठ की। इन पुलिस कर्मियों ने रुपये लेकर बिना जांच के वेरिफिकेशन कर दी। इसके बाद इन आरोपियों के दिल्ली निवासी महेश नारंग ने पासपोर्ट बनवाए। इस काम के लिए आरोपियों ने डेढ़ से दो लाख रुपये दिए थे। इन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है।
विज्ञापन

अब तक इन आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने करनाल निवासी अमित खटकड़, दिल्ली निवासी महेश नारंग, अंबाला निवासी रमन उर्फ रवि, दिल्ली निवासी मनीष, पुलिस कर्मी नवीन, राजेश, करनाल निवासी विकास कांबोज, कैथल निवासी कपिल, गौरव, कुरुक्षेत्र निवासी अमरजीत, वाहब, पटियाला निवासी जोरा, मोगा निवासी मंजीत, जालंधर निवासी सुनील लांबा, कैथल निवासी संदीप, कुरुक्षेत्र निवासी गौतम को गिरफ्तार किया है। अभी इस मामले में अन्य आरोपी भी गिरफ्तार होंगे। मामले की जांच पुलिस की तीन सीआईए टीम कर रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें