यूक्रेन में चल रहे युद्ध से उन अभिभावकों की चिंता बढ़ी हुई है, जिनके बच्चे वहां फंसे हैं। क्योंकि कई बच्चों के पास न तो खाद्य सामग्री बची है और न ही पैसे। ऐसे में वे सरकार से बच्चों की शीघ्र भारत वापसी के लिए गुहार लगा रहे हैं। रोजाना कई वीडियो भी जारी हो रहे हैं, जिनमें विद्यार्थी और अभिभावक अपनी व्यथा सुना रहे हैं। अब ऐसे अभिभावकों की चिंता कम हो, इसके लिए प्रशासन अभिभावकों के घर पहुंचकर बच्चों को सुरक्षित लाने का आश्वासन दे रहा है।
मंगलवार को करनाल पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि सरकार की ओर से जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से प्रदेश के 700 विद्यार्थियों से संपर्क हो पाया है, इनमें से 90 वापस आ चुके हैं। इधर जिला प्रशासन को भी इस रिकार्ड से यूक्रेन में 29 विद्यार्थियों के होने की जानकारी मिली है, जिनके अभिभावकों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। अब तक नौ विद्यार्थी वापस लौटे हैं। मंगलवार को उप तहसील निगदू की नायब तहसीलदार शैली मलिक निगदू निवासी ऐसे दो छात्रों के घर गईं जो यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। मुलाकात के दौरान उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि उनके बच्चों को सुरक्षित तरीके से घर वापस लाया जा रहा है। उनके बच्चों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने परिजनों को कहा कि अगर किसी परिजन का उनके बच्चों के साथ कोई संपर्क नहीं हो पाता तो हरियाणा सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करें।
चार साल पहले गए थे शुभम और सुरक्षा
निगदू के शुभम राणा और सुरक्षा रानी यूक्रेन में हैं। वे पिछले चार साल से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। परिजनों ने बताया कि कुछ समय पहले ही उनकी बच्चों के साथ बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया कि डेनिप्रो से बच्चे ट्रेन के माध्यम से हवाई अड्डे पर गए हैं। वहां की स्थिति तनावपूर्ण है। खबरें और वीडियो देखकर डर और चिंता लगी है।
बार्डर से आगे नहीं जाने देते जवान
अभिभावकों का कहना है कि पोलैंड और रोमानिया के लगते यूक्रेन बार्डर पर भारतीय विद्यार्थियों की काफी भीड़ है। सेना के जवानों का बर्ताव भी सही नहीं है। बच्चों को कोई मदद भी नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि भारतीय विद्यार्थियों को आगे नहीं जाने दिया जाता। रामनगर निवासी अभिभावक सुखविंद्र का कहना है कि सरकार इन विद्यार्थियों को बार्डर पार कराकर सेफ जोन में लाए। यहां बच्चों को काफी दिक्कत हो रही है।