करनाल। हरियाणा की अंग्रेजी शराब की तस्करी राजस्थान व गुजरात आदि राज्यों में किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस की सीआईए वन टीम ने खाद से भरे कैंटर में शराब छिपाकर ले जा रहे दो आरोपियों को काबू कर लिया है। आरोपियों से शराब की 352 पेटियां बरामद की गई है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
सीआईए वन इंचार्ज दीपेंद्र राणा ने बताया कि 17 दिसंबर को रात के समय सीआईए 1 के रोहित कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई शुरू की। आरोपी राजेंद्र सिंह उर्फ सोनू मिस्त्री निवासी शांति नगर करनाल, मनीष कुमार निवासी घीड़ जिला करनाल व अशोक कुमार उर्फ बबली निवासी गली नंबर एक हांसी रोड करनाल गिरफ्तार किया। पुलिस ने दावा किया कि यह चंडीगढ़ से अंग्रेजी शराब लाकर गुजरात में शराब की तस्करी करने का काम करते हैं वह एक कैंटर में खाद के कट्टों के बीच में बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब छिपा कर चंडीगढ़ से गुजरात लेकर जाने वाले हैं।
सूचना के आधार पर टीम द्वारा रंबा मोड जीटी रोड तरावड़ी पर नाकाबंदी की गई। तो कैंटर नीलोखेड़ी की तरफ से आता हुआ दिखाई दिया तो उस रुकवाया गया। इस दौरान गाड़ी में से एक व्यक्ति उतरकर भागने में कामयाब हो गया। गाड़ी में बैठे बाकी दो व्यक्तियों को काबू कर लिया, जो मनीष कुमार व अशोक कुमार उर्फ बबली है। फरार तीसरे व्यक्ति का नाम राजेंद्र सिंह उर्फ सोनू है। टीम द्वारा कैं टर की तलाशी ली गई। तलाशी लेने पर गाड़ी में लोड देसी खाद के कट्टों के नीचे से 30 पेटी रॉयल चैलेंज अंग्रेजी शराब, 31 पेटी रॉयल स्टैग अंग्रेजी शराब, 241 पेटी मैकडॉल्स अंग्रेजी शराब जो प्रत्येक पेटी में 12-12 बोतल शराब बरामद हुई। इसके अलावा 50 पेटी मैकडॉल्स अंग्रेजी शराब जिसमें प्रत्येक पेटी में 24-24 अद्धे पाए गए।
बरामद शराब की सभी 352 पेटियों में कुल 4224 बोतल अनाधिकृत बिक्री वाली शराब बरामद हुई। इसके अलावा गाड़ी में लोड खाद के 80 कट्टों व कैंटर को भी कब्जे में ले लिया है। आरोपियों से पूछताछ में जांच में खुलासा हुआ कि इस अवैध तस्करी का मुख्य आरोपी मौके से फरार होने वाला राजेंद्र सिंह उर्फ सोनू है। आरोपी पिछले काफी समय से शराब की तस्करी का काम करते हैं। आरोपी चंडीगढ़ से सस्ते दाम पर शराब खरीदकर उसे अलग-अलग प्रकार के सामान से भरे कैंटर में सामान के बीच में शराब छिपाकर राजस्थान के जोधपुर लेकर जाते हैं और जोधपुर से अलग-अलग गाड़ियां में भरकर गुजरात के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई की जाती है। आरोपी इस अवैध शराब को चार गुना तक मंहगे दाम पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते हैं।