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रेंज ऑफिसर की मिलीभगत आई सामने, डीएफओ ने कार्रवाई के लिए मुख्यालय को लिखा

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कुंजपुरा/करनाल। बड़ागांव के रिजर्व जंगल में से बिना परमिशन के सैकड़ों पेड़ काटने के मामले में नया खुलासा हुआ है, जिसमें रेंज ऑफिसर की मिलीभगत सामने आई है। डीएफओ करनाल ने रेंज ऑफिसर के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों का पत्र लिख दिया है। वहीं, गार्ड के बाद दरोगा दलबीर को भी निलंबित कर दिया गया। मामले में अशोक वर्मा नाम के व्यक्ति का नाम भी सामने आया है जो जांच टीम के एक अधिकारी का रिश्तेदार बताया जा रहा है।
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उसका लकड़ी का आरा मशीन है जहां जंगल से कटी हुई लकड़ियां गईं हैं। इसी के साथ रेंज अधिकारी की मिलीभगत बताई जा रही है। अभी इस प्रकरण में यह खुलासा होना बाकी है कि जंगल से काटी गई लकड़ियों के पीछे कितना कमीशन तय किया गया था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करते हुए उनसे ही पेड़ों की रिकवरी की जाएगी। झज्जर के डीएफओ विनय कुमार सिंह का कहना है कि मौके से जुटाए गए तथ्यों एवं विभाग से लिए गए आंकड़ों का आंकलन करने के बाद उन्होंने जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है, जो उच्च अधिकारियों को प्रेषित की जा रही है।
शेड्यूल वन के वन्य-प्राणियों का है जंगल
जानकारी अनुसार बड़ागांव का जंगल शेड्यूल वन के वन्य-प्राणियों का जंगल है जिसमें हिरण, जंगली सुअर, मोर, बंदर आदि शामिल है। उनकी सुरक्षा के लिए ही रिजर्व जंगल होते हैं। इन जंगलों से पेड़ नहीं काटे जा सकते।
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मैंने तो सफाई के आदेश दिए थे
मैंने तो जंगल में सफाई करने के आदेश दिए थे न कि पेड़ काटने के। हालांकि मुख्यालय से फिलहाल पेड़ काटने की स्वीकृति नहीं मिली थी लेकिन विभाग को इस बारे में लिखा हुआ था। जिसकी जल्द ही स्वीकृति मिलने की संभावना है।
सुभाष, रेंज ऑफिसर
वर्जन
जंगल से करीब 200 पेड़ काटे गए हैं जिसमें रेंज ऑफिसर की लापरवाही सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई को लिख दिया गया है। वहीं दरोगा को भी निलंबित कर दिया है। अशोक वर्मा आरा बंद कर गायब है, उसके आरे को भी सील किया जाएगा। जो भी दोषी होंगे उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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नरेश रंगा, डीएफओ करनाल
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