संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। दहेज के लालच में बहू की जलाकर हत्या करने के मामले में जिला कोर्ट ने मां-बेटे को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। वहीं एक नाबालिग आरोपी को बरी कर दिया है। यह मामला छह साल से जिला कोर्ट में चल रहा था।
पीड़ित पक्ष के वकील संजीव कुमार पुंडीर ने बताया कि पानीपत के गांव निंबरी निवासी रचना की शादी उसके मामा जसवंत ने 2016 में गांव गगसीना निवासी ज्वाला उर्फ मोनू के साथ की थी, लेकिन दहेज को लेकर रचना के ससुराल वाले उसे परेशान करने लगे। 2018 में रचना की जलने के कारण मौत हो गई। इस दौरान रचना के मामा जसवंत ने रचना के पति ज्वाला उर्फ मोनू व उसकी सास सुदेश व एक नाबालिग पर आरोप लगाए थे कि उनकी बेटी की दहेज की मांग पूरी न हो पाने के कारण जलाकर हत्या की गई है। इस मामले में कोर्ट में करीब 13 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्य के आधार पर एडीजे मोहित अग्रवाल की कोर्ट ने आरोपी पति ज्वाला व सास सुदेश को उम्र कैद की सजा सुनाई है। तीसरे नाबालिग आरोपी को बरी कर दिया है।