अंबाला सिटी। अंबाला कोर्ट रूम से वकील को पकड़ने के मामले में आक्रोशित वकीलों ने मंगलवार को वर्क सस्पेंड रखा। वकील अपनी एक ही मांग पर अड़े हैं कि संबंधित एसएचओ और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
इसके साथ ही अधिवक्ताओं ने मंगलवार को जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उन्हें पता लगा कि पुलिस ने कोर्ट रूम से वकील नरेंद्र शर्मा को पकड़ा था। दिनभर मामले पर वकील कोर्ट के सामने हड़ताल पर बैठे रहे। उन्होंने काम नहीं किया। इसके साथ ही चैंबर्स भी खाली रहे।
ऐसे में लोगों को लौटना पड़ा। वहीं, इस मामले में एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने एसएचओ संदीप कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच बैठा दी है। इस मामले में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं दूसरी तरफ बार एसोसिएशन बुधवार को हाउस की बैठक में पुलिस की कार्रवाई के लिए सभी वकील के सामने रखेगी, इसके बाद अधिवक्ता जो निर्णय लेते हैं उस आधार पर आगे बढ़ा जाएगा।
कोर्ट परिसर में ऐसा नहीं होना चाहिए
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वरिष्ठ वकील रोहित जैन ने बताया कि अधिवक्ता नरेंद्र शर्मा पर कोई भी आराेप हो, पुलिस जांच करे और नियमानुसार कार्रवाई करे। हम सभी वकीलों को तो इतनी सी आपत्ति है कि कोर्ट में से वकील ही नहीं, बल्कि आम आदमी को भी पुलिस ऐसे गिरफ्तार नहीं कर सकती है। इस गिरफ्तारी के रवैये से वकीलों में नाराजगी है। इसके बाद वकीलों ने जब मना किया तो वह बहस करने लगे।
लोगों को हुई परेशानी
वकीलों के हड़ताल पर जाने से कोर्ट से संबंधित कार्यों से जुड़े लोग दूर दराज व विभिन्न शहरों से कोर्ट परिसर पहुंचे थे। मगर बाहर से आए लोगों को कोर्ट पहुंचकर ही पता चला कि कोर्ट में वर्क सस्पेंड चल रहा है। इसी वजह से लोगों को को का परेशानियां झेलनी पड़ी।
वकील संदीप सचदेवा का कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने नियमों विरुद्ध जो काम किया था, उसकी वह पूरी तरह से निंदा करते हैं। पुलिस प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ही कार्रवाई करनी चाहिए थी। वकील को कोर्ट से गिरफ्तार करने की कार्रवाई को सही नहीं ठहराया जा सकता।
जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान दिलबाग सिंह धनीपुर ने बताया कि अधिवक्ता के खिलाफ जो पुलिस प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई है वह पूरी तरह से गलत है। जिसको लेकर सभी अधिवक्ताओं में गहरा रोष है। पुलिस प्रशासन को चाहिए था कि गिरफ्तारी से पहले कोई नोटिस या कोई गिरफ्तारी वारंट के साथ लेकर ही अधिवक्ता को पकडऩा चाहिए था।
जिला बार एसोसिएशन के सचिव सुनील जैन का कहना है कि यह सुनिश्चित करना हम वकीलों की भी पूरी जिम्मेदारी है कि देश में कानून का सुशासन स्थापित हो। इसलिए हमारा विरोध कभी भी किसी आरोपी व्यक्ति को कानूनी प्रक्रिया से बचाने के लिए कदापि नहीं है । मगर कोर्ट में से पकड़ना गलत है।
पुलिस प्रशासन ने कोर्ट परिसर में अधिवक्ता को गिरफ्तार करने की कोशिश की थी, जिसका सभी अधिवक्ताओं ने विरोध जताया था। उसी कार्रवाई को लेकर दिन भर वर्क सस्पेंड रखने का फैसला हाउस की ओर से लिया गया। इस मामले में बुधवार को हाउस की मीटिंग रखी जाएगी। उसमें हाउस का क्या फैसला रहेगा, उसी पर आगे सभी एकराय होंगे।
-रोहित जैन, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन अंबाला
मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने प्रारंभिक जांच बैठा दी है। जांच में जो सामने आएगा उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-जशनदीप सिंह रंधावा, एसपी, अंबाला
अंबाला कोर्ट परिसर में हुए वर्क सस्पेंड के दौरान कोर्ट परिसर के मुख्यद्वार के बाहर खड़े अधिवक्त
अंबाला कोर्ट परिसर में हुए वर्क सस्पेंड के दौरान कोर्ट परिसर के मुख्यद्वार के बाहर खड़े अधिवक्त
अंबाला कोर्ट परिसर में हुए वर्क सस्पेंड के दौरान कोर्ट परिसर के मुख्यद्वार के बाहर खड़े अधिवक्त
अंबाला कोर्ट परिसर में हुए वर्क सस्पेंड के दौरान कोर्ट परिसर के मुख्यद्वार के बाहर खड़े अधिवक्त