माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गुरुपर्व की बधाई के साथ आंदोेलनकारी किसानों को शुक्रवार को जहां अच्छी खबर मिली, वहीं बीते एक साल में उन्होंने बहुत कुछ सहा। अन्नदाता के कई रूप सामने आए। मौसम की मार सही, आर्थिक नुकसान झेला, लाठियां खाईं।
चाहे कैमला गांव में मुख्यमंत्री मनोहर लाल का हेलीकॉप्टर न उतरने देने, घेराव करके उनकी सभा को तहस-नहस कर उग्र तेवर दिखाने का मामला हो या करनाल में मुख्यमंत्री की बैठक के विरोध में बसताड़ा से कूच करने की योजना, सभी में किसानों ने आंदोलनात्मक गतिविधियों को अंजाम दिया। बसताड़ा टोल पर धरना, लघु सचिवालय का घेराव, घरौंडा व करनाल अनाज मंडी में सभाएं, करनाल में ट्रैक्टर रैली या फिर बाजार बंदी, सभी में लगातार एकता और धैर्य के साथ संघर्ष का परिचय भी दिया।
किसान आंदोलन एक नजर में...
08 दिसंबर: लघु सचिवालय पर किसानों का प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा।
12 दिसंबर 2020 : एक दिन के लिए बसताड़ा टोल बंद रख प्रदर्शन किया।
25 दिसंबर 2020 : बसताड़ा टोल प्लाजा पर धरना शुरू किया
25 दिसंबर 2020 : किसानों ने तीन दिन तक टोल फ्री व धरने का एलान किया।
26 दिसंबर 2020 : टोल पर अनिश्चित कालीन धरना शुरू करने का एलान किया।
06 जनवरी 2021: करनाल में किसानों ने बड़ी ट्रैक्टर रैली निकाली।
10 जनवरी 2021: कैमला गांव में मुख्यमंत्री की सभा नहीं होने दी, हेलीकॉप्टर नहीं उतरने दिया।
13 जनवरी 2021 : टोल पर वैशाखी का पर्व मनाया, तीन कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं।
16 जनवरी 2021: हिसार में लाठीचार्ज के विरोध में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया।
24 जनवरी 2021: किसानों के ट्रैक्टरों का काफिला दिल्ली रवाना हुआ।
26 जनवरी 2021: महिलाओं ने टोल पर गणतंत्र दिवस मनाया।
26 जनवरी 2021: लाल किला मामले को लेकर लंगर बंद करने पर प्रदर्शन किया।
27 जनवरी 2021: टोल पर दोबारा लंगर शुरू हुआ, धरने को लेकर प्रशासन से बातचीत।
29 जनवरी 2021: दोबारा किसानों ने टोल पर धरना शुरू किया।
27 सितंबर 2021: संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान पर हाईवे जाम किया।
08 जुलाई 2021 : महंगाई के विरोध में बुग्गी आदि के साथ किसानों ने प्रदर्शन किया।
28 अगस्त 2021: सीएम के कार्यक्रम के विरोध में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम, पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
29 अगस्त 2021: किसान सुशील काजल की मौत हो गई।
30 अगस्त 2021: घरौंडा अनाज मंडी में किसानों की महापंचायत का आयोजन।
07 सितंबर 2021: राकेश टिकैत की अगुवाई में लघु सचिवालय का घेराव किया।
11 सितंबर 2021: किसानों व सरकार के बीच समझौता हुआ।