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Karnal News: कोर्ट में नौकरी दिलवाने के नाम पर लाखों ठगे, होमगार्ड सहित दो काबू

Fri, 10 Mar 2023 02:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। न्यायिक विभाग में नौकरी दिलवाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले होमगार्ड सहित दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। विजेंद्र उर्फ सोनू निवासी लाडो बगड़ी जुंडला गेट करनाल व सचिन राणा उर्फ सेंटी राणा निवासी गली नंबर एक प्रीतमपुरा पर करनाल की कोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से ठगी करने का आरोप है।
सिटी थाने के उप निरीक्षक जगदीश ने बताया कि आरोपी बिजेंद्र जिला करनाल में होमगार्ड की नौकरी करता है। आरोपी पहले एक अफसर के पास गनमैन की नौकरी करता था। उसी समय उसने अफसर के साथ रहने का फायदा उठाकर लोगों को नौकरी लगवाने का झांसा देकर धोखाधड़ी शुरू कर दी थी। आरोपी अफसर के पास अपने काम से आने वाले लोगों को नौकरी लगवाने का ऑफर देता था और उनके साथ लाखों रुपये की डील करता था।
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अफसर के साथ गनमैन होने के कारण लोग आरोपी पर जल्दी विश्वास कर बैठते थे। इस काम में आरोपी सोनू का दूसरा साथी सचिन भी साथ देता था। आरोपी सचिन गूगल से फर्जी तैनाती पत्र तैयार करके आरोपी को देता था और आरोपी उस फर्जी तैनाती पत्र को आगे लोगों को दे देता था। आरोपी सचिन से वारदात में उपयोग मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने इस वारदात के अलावा भी अन्य दो लोगों के साथ नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी की है जोकि अन्य दोनों व्यक्ति भी शिकायतकर्ता रोहित टांक के ही रिश्तेदार हैं।
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यह है मामला

जांच अधिकारी ने बताया कि छह फरवरी को थाना शहर में शिकायतकर्ता रोहित टांक निवासी गांव छपरा जागीर जिला करनाल ने शिकायत दी थी। जिसमें उसने बताया था कि जुलाई 2022 में उसकी सोनू नाम के व्यक्ति से जान पहचान हुई जोकि करनाल में पुलिस विभाग में कार्य कर रहा था। उसके बाद से ही सोनू उससे कहने लगा कि वह नौकरी लगवाने का काम करता है और शिकायतकर्ता को भी नौकरी लगवा देगा। इसके बाद शिकायतकर्ता ने नौकरी के लिए आरोपी सोनू को दो लाख रुपये एडवांस दे दिए। जिसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता को करनाल कोर्ट में नौकरी का एक तैनाती पत्र दे दिया। जब वह तैनाती पत्र लेकर ज्वाॅइन करने गया तो वहां जाने पर उसने पाया कि उसे एक फर्जी तैनाती पत्र दिया है। इसके बाद जब शिकायतकर्ता ने आरोपी से अपने रुपये वापस मांगे तो मना कर दिया।
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