करनाल शहर में सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को सहारा देने के लिए नगर निगम की ओर से करीब 60 लाख रुपये की लागत से बनाए गए नंदीग्राम को शुरू करना व चलाना नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती है। निगम ने नवंबर, 2015 से ही गौधाम को चालू किया है, लेकिन अभी तक केवल 125 बेसहारा गाय को नंदीधाम पहुंचाया है। वहीं, सड़कों पर बेसहारा घूम रहे नंदी लोगों की परेशानी का सबसे बड़ा कारण हैं। सड़कों पर बेसहारा घूमते नंदी आए दिन सड़क हादसों का भी कारण बन रहे हैं। गत दिनों रात के समय नंदी से बाइक टकराने पर एक बुजुर्ग की मौत हो गई।
इसके अलावा भी आए दिन कोई न कोई वाहन चालक बेसहारा पशुओं की वजह से चोटिल हो रहे हैं तथा इन पशुओं की वजह से शहर में कई जगह जाम भी लग जाता है। कई बार नंदी की आपसी लड़ाई घंटों तक चली जाती है, लड़ते वक्त इन्हें हटाना भी किसी जोखिम से कम नहीं होता। इस समस्या को लेकर लोग कई बार शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं है। वहीं निगम अधिकारियों की माने तो नंदीग्राम को चालू करने से पहले इसके सफल संचालन पर रिसर्च की जा रही है। रिसर्च वर्क पूरा होते ही जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही इसे चालू करने की योजना है।
नगर निगम द्वारा फूसगढ़ के पास करीब पांच एकड़ जमीन पर 60 लाख रुपये की लागत से नंदीग्राम व गौधाम का निर्माण किया गया है। गोधाम का शुभारंभ नवंबर 2015 में ही स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने किया था। हालांकि उस वक्त नंदीग्राम का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ था, सात माह के बाद भी निगम की ओर से नंदीग्राम को शुरू नहीं किया है। निगम द्वारा नंदीग्राम व गौधाम के संचालन के लिए डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग की अगुवाई में 10 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जो इस पूरे प्रोजेक्ट को चलाने का प्रयास कर रही है, लेकिन निगम के सामने नंदीग्राम को चालू करने के लिए सबसे बड़ा चैलेंज बजट की व्यवस्था करना है।
125 गायों पर प्रतिदिन खर्च हो रहे 10 हजार रुपये
नगर निगम की ओर से गौधाम में अब तक 125 गायों का रखा गया है। इनकी देखरेख और कर्मचारियों की सेलरी पर प्रतिदिन करीब 10 हजार रुपये खर्च आ रहा है। अनुमान के मुताबिक पूरे शहर में करीब 1800 बेसहारा पशु घूम रहे हैं। इनमें 300 पशु लोगों द्वारा छोड़े गए हैं। यदि 1500 पशुओं को भी नंदीग्राम में लाया गया तो नंदीग्राम का प्रतिदिन खर्च करीब डेढ़ लाख रुपये होगा। ऐसे में निगम के लिए इस इस बजट की व्यवस्था करना सबसे बड़ा चैलेंज है।
सभी पशुओं के लिए नंदीग्राम व गौधाम में जगह पर्याप्त नहीं
गौधाम और नंदीग्राम में ज्यादा से ज्यादा तीन सौ पशुओं को रखा जा सकेगा। जबकि शहर में घूम रहे करीब 1500 बेसहारा पशुओं को गौशालाओं तक पहुंचाना भी एक बड़ा चैलेंज है। निगम पशुओं की बढ़ती संख्या व संसाधनों के फेर में उलझा हुआ है। निगम अधिकारियों का कहना है कि यदि नंदीग्राम को चालू भी कर दिया जाए तो शहर को बेसहारा पशुओं से होने वाली परेशानियों से निजात दिला पाना संभव नहीं है। इसके लिए निगम द्वारा अन्य गौशालाओं के साथ टाइअप करने का प्रयास किया जा रहा है।
रिसर्च के बाद ही शुरू करेंगे नंदीग्राम
गौधाम को नवंबर 2015 में शुरू किया गया था। पिछले सात माह में गौधाम में 125 गाय लाई गई हैं। अभी तक गौधाम के संचालन में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई है। अब नंदीग्राम को शुरू करने से पहले इस प्रोजेक्ट पर रिसर्च किया जा रहा है। रिसर्च वर्क पूरा होते ही नंदी ग्राम को जुलाई के प्रथम सप्ताह में चालू कर दिया जाएगा।
- सुमेधा कटारिया, नगर निगम आयुक्त करनाल।
जुलाई के प्रथम सप्ताह में चालू होगा नंदीग्राम
नंदीग्राम का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही नंदीग्राम को शुरू कर बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम शुरू किया जाएगा। हालांकि शहर के सभी बेसहारा पशुओं को नंदी ग्राम में रखना संभव नहीं है। इसके लिए आसपास की अन्य गोशालाओं से बातचीत चल रही है। जल्द ही शहर से सभी बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं व नंदीग्राम तक पहुंचाया जाएगा।
- कृष्ण गर्ग, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम करनाल।