करनाल। प्राइवेट अस्पताल के कंपाउंडर सौरभ के परिजनों ने वीरवार को शहर में दो जगहों पर जाम लगाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। परिजनों का कहना था कि डॉक्टर सौरभ की मौत को आत्महत्या बता रहे हैं जबकि उसकी हत्या की गई है। उन्होंने सौरभ के साथ काम करने वाले एक युवक पर शक जताया है और उस पर कार्रवाई की मांग को लेकर सड़कों पर उतर गए। पाल समाज के लोगों ने भी उनका साथ दिया। हालांकि पुलिस प्रशासन द्वारा सौरभ के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के बोर्ड से वीडियोग्राफी की निगरानी में कराया गया।
पहले महिलाओं नेे करीब दो बजे हांसी चौक पर आधे घंटे तक प्रदर्शन किया। इसके बाद परिजनों ने पाल समाज के लोगों के साथ मिलकर शाम साढ़े 4 बजे आंबेडकर चौक पर जाम लगा दिया। यहां पर करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन किया। सूचना पर एसपी गंगाराम पूनिया मौके पर पहुंचे और परिजनों को मामले की जांच एसआईटी से कराने का आश्वासन दिया। परिजनों की शिकायत के अनुसार अन्य धाराएं भी जोड़ दी जाएंगी। इसके बाद लोग शांत हुए। जाम के दौरान वाहन चालकों व यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
यह है मामला
मृतक के पिता सतपाल ने बताया कि उसका 23 वर्षीय इकलौता बेटा सौरभ प्राइवेट अस्पताल में कंपाउंडर था। 12 सितंबर को वह अस्पताल गया था। उस अस्पताल के डाक्टर का कहना है कि उसी दिन शाम करीब 8 बजे उसे हांसी रोड पर छोड़कर चला गया था, क्योंकि वे दोनों कैथल गए थे लेकिन रात को सौरभ घर नहीं पहुंचा। अगले दिन 13 सितंबर की सुबह पुलिस का उनके पास फोन आया कि सौरभ का मोबाइल व बैग नहर की पटरी पर पड़े हैं। उन्होंने मौके पर जाकर देखा तो वहां एक कोल्ड ड्रिंक्स की बोतल, बैग में सौरभ के कपड़े, एक सर्जरी ब्लेड का कवर पड़ा था। साथ ही खून के धब्बे भी थे। 15 सितंबर को सौरभ का शव घोघड़ीपुर नहर में मिला था। उसकी गर्दन, छाती व बाजू पर कट के निशान थे। उन्हें शक है कि उनके बेटे के साथ काम करने वाले प्रिंस नामके युवक ने ही उसकी हत्या की है लेकिन पुलिस मानने को तैयार नहीं है। इस बारे में वह 15 सितंबर को एसपी से भी मिले थे।
डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
वीरवार सुबह सौरभ के परिजन व पाल समाज के लोगों सहित पक्का खेड़ा गांव के पूर्व सरपंच मेहर चंद, राम स्वरूप नंबरदार, डॉ. राजेंद्र, पूर्ण पाल, कुरुक्षेत्र के समाज के प्रधान जय सिंह पाल सहित सैकड़ों लोग कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। इस दौरान सिटी थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे। वहां डॉक्टरों के बोर्ड ने वीडियोग्राफी के सामने पोस्टमार्टम किया। इसके बाद पांच सदस्यों की टीम ने डॉक्टरों संग बैठक कराई। फिर आत्महत्या की बात सामने आने को लेकर लोग भड़क गए। सौरभ की बहन रितू, काजल व कोमल ने बताया कि उसके भाई का 22 अक्तूबर को जन्मदिन आने वाला था। उसके भाई को इंसाफ चाहिए। पुलिस उनकी बात नहीं सुन रही है।
परिजनों की मांग मान ली गई है। एसआईटी से मामले की जांच कराई जाएगी। परिजनों ने जो शिकायत दी है। उसके आधार पर इस मामले में धाराएं जोड़ दी जाएंगी। लोगों से अपील है कि उनकी जो भी समस्या है उसका हल बातचीत से निकलेगा सड़क पर जाम लगाने से नहीं। संबंधित अधिकारी से बात कर अपनी समस्या को रखें।
-गंगा राम पूनिया, एसपी करनाल