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एचएसआईआईडीसी की सड़कों पर हादसा हुआ तो अधिकारियों पर होगा केस

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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। लघु सचिवालय में बुधवार को आयोजित सड़क सुरक्षा बैठक में डीसी निशांत कुमार ने हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफरास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन के अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि एचएसआईआईडीसी की किसी भी सड़क पर हादसा होता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। जुलाई में हुई सड़क सुरक्षा बैठक में डीसी ने सड़क निर्माण से जुड़े विभागों को अपने-अपने एरिया में 5 किलोमीटर की मॉडल रोड बनाने को कहा था लेकिन एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों ने इसमें उदासीनता दिखाई। इससे डीसी काफी नाराज हो गए।
उन्होंने डीटीओ के निरीक्षक जोगिद्र ढुल से कहा कि इस विभाग के कार्यकारी अभियंता, एसडीओ और जेई के खिलाफ, विभाग के चेयरमैन को कार्रवाई के लिए लिखा जाए, उसकी प्रति एसीएस ट्रांसपोर्ट को भेजी जाए। डीसी ने कहा कि पुलिस अधीक्षक को लिखकर भेजें कि यदि इनकी सड़क पर कोई हादसा होता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगली मीटिंग से पहले मॉडल रोड बनाने के कार्य पर काम शुरू हो जाना चाहिए। बैठक में 17 बिंदू रखे गए। इनमें 6 बिंदू इस बार के थे। लगभग 12 बिंदुओं पर काम किया गया और दो को ड्राप किया गया। बैठक में जिला परिवहन अधिकारी उर्मिला श्योकंद तथा करनाल एसडीएम गौरव कुमार, घरौंडा एसडीएम डॉ. पूजा भारती व असंध एसडीएम मनजीत कुमार मौजूद थे।
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आईआरएडी एप का हरियाणा में भी होगा प्रयोग
बैठक में सड़क पर ऊंचे-नीचे मेनहोल के ढक्कनों का निरीक्षण करने के निर्देश देकर एक-दो महीने में इन्हें दुरुस्त करने को कहा। एनआईसी से डिस्ट्रिक्ट रोल आउट मैनेजर स्वाती गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार के एक प्रोजेक्ट में आईआईटी मद्रास द्वारा आईआरएडी (इंटेग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस) नाम से एक एप इजाद की गई थी, जिसका प्रयोग देश के 6 शहरों में सफलतापूर्वक हो रहा है, अब इसे हरियाणा में लागू किया जा रहा है। एप के जरिए पुलिसकर्मी फोन से दुर्घटना को रिकॉर्ड करेगा, क्योंकि इसमें ट्रांसपोर्ट, हाईवे व हेल्थ को भी शामिल किया गया है और इसे वाहन व सारथी एप से जोड़ा गया है। पुलिसकर्मी जैसे ही दुर्घटनाग्रस्त वाहन का नंबर डालेगा, उसमें सारा डाटा आ जाएगा। हाईवे के इंजीनियर दुर्घटना में सड़क का कारण होगा तो बताएंगे। एप से अस्पताल में दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति का पता चला जाएगा और 108 नंबर एंबुलेंस पर भी सूचना चली जाएगी। गुप्ता ने बताया कि इसके क्रियान्वयन के लिए उपरोक्त विभागों से संबंधित कर्मचारियों की ट्रेनिग शुरू हो गई है, मंगलवार को ही दो पुलिस कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई है।
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सरल केंद्र में मिलेगी लर्निंग लाइसेंस की जानकारी
तरावड़ी में बन चुके नए बस अड्डे को लेकर उपायुक्त ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारी से इसके चालू न होने की देरी का कारण पूछा। उपायुक्त ने एसडीएम करनाल को निर्देश दिए कि वे नगर निगम के एसओ महावीर सोढी को लेकर एक टीम बनाए जो रेहड़ियों को हटाएगी। उपायुक्त ने बताया कि जो व्यक्ति लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं, उन्हें लाइसेंस जारी करने से पहले होंडा का एक कर्मचारी सरल केंद्र में बैठेगा, जो लाइसजेंस प्राप्त करने वालों को निशुल्क सड़क नियमों और रोड साइनेज की जानकारी देगा।
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