करनाल। किसी सहपाठी की तबियत बिगड़ने पर अब विद्यार्थी डॉक्टर के रूप में प्राथमिक जांच एवं उपचार भी करेंगे। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल स्तर पर ऐसी व्यवस्था की जा रही है। जिले के 28 राजकीय स्कूलों में कौशल विकास से जुड़े व्यावसायिक कोर्स कर रहे 1249 विद्यार्थियों के लिए हेल्थ केयर टूल किट आई हैं। इन किट के माध्यम से कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी बुखार, ऑक्सीजन स्तर और पल्स रेट आदि माप सकेंगे व जरूरत पर फर्स्ट एड भी दे सकेंगे।
समग्र शिक्षा विभाग ने कोरोना काल जैसी आपातकालीन स्थिति को देखते हुए यह व्यवस्था की है। जिले में 74 राजकीय स्कूलों में नेशनल स्किल क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के तहत स्किल चल रही हैं। इनमें से कई विद्यार्थी हेल्थ से जुड़ी स्किल में कोर्स कर रहे हैं। स्कूल की ओर से इन विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार देने में सक्षम बनाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इन टूल किट भेजने का मुख्य उद्देश्य स्कूल में पढ़ाई के दौरान यदि किसी बच्चे की तबियत खराब हो जाती है और स्कूल से अस्पताल की दूरी अधिक है तो ऐसे में उनकी स्कूल स्तर पर ही जांच हो सके। इसके लिए इन विद्यार्थियों को तैयार किया जा रहा है। जल्द प्रशिक्षण देने का कार्य भी शुरू होगा। प्रत्येक स्कूल में स्किल ट्रांसपोर्टेशन के लिए तीन हजार रुपये भी दिए गए हैं।
एनएसक्यूएफ की जिला समन्वयक चांदनी के अनुसार हेल्थ टूल किट में थर्मामीटर, ऑक्सीमीटर, फर्स्ट एड बॉक्स, भाप की मशीन, ब्लड प्रेशर रिकॉर्डिंग यूनिट, हाइजीन किट, थर्मल स्कैनर, नेबुलाइजर, कॉटन टॉवल, गलब्स, हाफ मास्क, एयर पॉल्यूशन मास्क, लिक्विड एल्कोहल, सर्जिकल ड्रेसिंग ट्रे, हाइड्रोजन, टेप, बैंडेज और पट्टी करने के साथ अन्य प्राथमिक चिकित्सा का सामान दिया है।