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मनमानी की तो जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रद करेंगे स्कूल की मान्यता

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अब जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी भी शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत दाखिला न देने वाले निजी स्कूलों की मान्यता रद कर सकेंगे। इसे लेकर विभाग की ओर से विशेष रूप से जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को पावर दी गई है। ऐसे में निजी स्कूलों में पहली कक्षा तक होने वाले दाखिले को लेकर स्कूल प्रबंधन मनमानी नहीं कर सकेंगे।
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विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार आरटीई में संशोधन करते हुए जिला स्तर कार्रवाई की पावर डीईईओ को भी दी गई है। मौलिक शिक्षा निदेशालय के अनुसार, जिस भी स्कूल की शिकायत मिलेगी। डीईईओ जांच के लिए अपने स्तर पर कमेटी का गठन करेंगे। कमेटी स्कूल में जाकर जांच करेगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उसे डीईईओ अच्छे से पढ़ेंगे। स्कूल के एडमिशन के लिए निर्देश देंगे। दो बार निर्देश देने और औपचारिकता पूरी होने पर भी एडमिशन नहीं देने पर अपने स्तर मान्यता रद करने का फैसला ले सकते हैं। इस कार्रवाई के बारे मुख्यालय रिपोर्ट भी सबमिट करेंगे। ब्यूरो
लग सकता है एक लाख रुपये का जुर्माना
आदेशों में बताया गया है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर डीईईओ मान्यता को रद कर सकते हैं। इसके साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना लगा सकते हैं। ये राशि बढ़ाई भी जा सकती है। विभाग की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से आरटीई के तहत दाखिलों में लापरवाही बरतने वाले स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है।
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स्कूलों ने रद किए दाखिला आवेदन
अभिभावक दिनेश, विवेक और संजय ने बताया कि उन्होंने स्कूल में दाखिले के लिए आवेदन किया था। उनकी ओर से मांगे गए सभी दस्तावेज लगाए गए थे। उसके बाद भी उनके बच्चों का फार्म रिजेक्ट कर दिया गया। उन्हें रिजेक्ट की वजह नहीं बताई। इसलिए उनकी ओर से शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई।
वर्जन फोटो-- 48 नंबर है।
स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी। विभाग की ओर से लापरवाही बरतने वाले स्कूलों पर कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं। आरटीई के तहत पहली कक्षा तक दाखिला न देने वाले स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है। - रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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