पत्नी का ससुरालियों के साथ चल रहा विवाद इस कदर हावी हो गया कि महिला ने अपने कोख में पल रहे आठ माह के बच्चे समेत आत्महत्या करनी की ठान ली। दरअसल, इसी विवाद के चलते पति ने यह कह दिया था कि उसकी पत्नी की कोख में पल रहा बच्चा उसका नहीं है। बस, पति की यही बात पत्नी बरदाश्त नहीं कर पाई और उसने कर्ण लेक में कूदकर आत्महत्या करने का फैसला कर लिया। वहां मौजूद लोगों ने उस महिला को बचाया।
करनाल के एक क्षेत्र में रहने वाली महिला आठ माह की गर्भवती है और वह ससुरालियों से विवाद के चलते कई दिनों से परेशान थी। इस घटना के दौरान पुलिस को महिला ने बताया कि कुछ वर्ष पहले उसके जेठ ने उसके साथ गलत काम किया था। इसके बाद उसकी शिकायत पर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था लेकिन उसके ससुर ने उस पर दबाव डालकर केस वापस लेने को कहा। इस दौरान वह महिला आश्रम में रहने लगी।
दबाव में आकर उसने केस तो वापस ले लिया मगर उसका पति और ससुर उसे घर में रखने को तैयार नहीं हुए। इससे वह परेशान रहने लगी। इसी मसले पर रविवार को सिटी थाना में एक पंचायत भी हुई। उसके बावजूद उसके पति व ससुर ने उसे घर ले जाने से मना कर दिया। इतना ही नहीं उसके पति ने यह तक कह दिया कि महिला की कोख में पल रहा बच्चा उसका नहीं है। इस पर महिला बुरी तरह से आहत हो गई और ऑटो में सवार होकर कर्ण लेक पहुंच गई।
लेक के बिल्कुल किनारे पर पहुंचकर जैसे ही गर्भवती महिला कूदने का प्रयास करने लगी, तो वहां मौजूद अन्य लोगों ने उसे पकड़ लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची तो लोगों ने महिला को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।