कैप्शन : वेद धवन व सुमन धवन का फाईल फोटो
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नीलोखेड़ी। पिछले शनिवार 25 सितंबर को करनाल में हुए सड़क हादसे में पति और पत्नी दोनों घायल हो गए थे। दो दिन बाद सोमवार को पति की अस्पताल में मृत्यु हो गई लेकिन उनके दोनों बेटे विदेश में होने से अंतिम संस्कार नहीं किया गया। पहली अक्तूबर को जब बेटा पहुंचा तो शनिवार सुबह उसने पिता को मुखाग्नि दी। इसके कुछ देर बाद मां ने भी प्राण त्याग दिए। शाम को उनका भी अंतिम संस्कार किया गया।
वेद धवन अपनी पत्नी सुमन के साथ बाइक से 25 सितंबर को करनाल से नीलोखेड़ी आ रहे थे। सड़क पर एक गड्ढे में बाइक असंतुलित होकर पलट गई। हादसे में दोनों के सिरों पर गहरी चोट आई। उन्हें करनाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार को उपचार के दौरान वेद धवन ने दम तोड़ दिया। उनके दोनों बेटे विदेश में होने की वजह से शव को डी-फ्रिज में रखवाया गया। इस बीच उनके आवास पर शोक संवेदना जताने वाले का तांता लगा रहा। उनके दो बेटों में पुनीत न्यूजीलैंड और विनीत अमेरिका में रहते हैं। शुक्रवार शाम न्यूजीलैंड से पुनीत नीलोखेड़ी पहुंचे।
संधीर रोड स्थित श्रीशिवपुरी में शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे पुनीत ने पिता को मुखाग्नि दी। इसके कुछ बाद उनकी मां सुमन ने भी उपचार के दौरान दुनिया को अलविदा कह दिया। शाम करीब साढ़े चार बजे उनका भी अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित भारी संख्या में लोग शामिल हुए।