फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ अंबाला जेबीटी शिक्षकों के तबादले का विरोध

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

अंबाला। वर्ष 2017 में लगे जेबीटी अध्यापकों को परमानेंट जिला दिए बिना अगर स्थानांतरण प्रक्रिया चलती है तो अंबाला जिला में 400 जेबीटी अध्यापकों के पद रिक्त रह जाएंगे। इसमें से अधिकतर पद राजकीय सांस्कृतिक प्राथमिक मॉडल विद्यालयों,शहरी क्षेत्रों व खंड मुख्यालयों में खाली रहने की संभावना है।
राज्य सरकार द्वारा राज्य सांस्कृतिक प्राथमिक मॉडल विद्यालयों के रूप में शिक्षा में बदलाव करने का जो निर्णय लिया गया है, उस पर अत्याधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसलिए राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ अंबाला ने राज्य सरकार से मांग की है कि अंबाला जिला के विद्यालयों के जोनों को रिएग्जामिन करते हुए पुन: स्कूलों के जोन निर्धारित किए जाए। उनका कहना है कि शिक्षा सत्र के अंत के नजदीक व वर्ष 2017 में लगे जेबीटी अध्यापकों को नियमित जिला देने से पहले जेबीटी अध्यापकों के स्थानांतरण न किए जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला प्रधान अमित छाबड़ा ने बताया कि अभी हरियाणा में 2600 के लगभग जेबीटी अध्यापकों के पद रिक्त हैं। 134-ए, जेबीटी अध्यापकों कि 31 मार्च तक सेवानिवृत्ति व पहली व पांचवीं कक्षा के बच्चों के अंतर अनुसार एक अप्रैल को रिक्तियां लगभग समाप्त हो जाएगी। इसलिए अगर विभाग एक अप्रैल को स्थानांतरण करता है तो सभी जिलों के सभी स्कूलों में अध्यापक उपलब्ध हो जाएंगे तथा कोविड 19 के कारण छात्रों की पढ़ाई का पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है । इसके चलते वर्तमान विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकगण पूरा प्रयास कर रहे हैं कि उनकी पढ़ाई के नुकसान की भरपाई की जा सकें। अगर सत्र के अंत में इन शिक्षकों का स्थानांतरण कर दिया गया तो छात्रों की पढ़ाई पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ना स्वभाविक है , क्योंकि 15 दिसंबर से सेट-3 की परीक्षा शुरू होने जा रही है इसलिए संगठन की मांग है कि स्थानांतरण 1 अप्रैल के बाद ही किया जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें