माई सिटी रिपोर्ट
करनाल। उद्यान प्रशिक्षण संस्थान उचानी में वीरवार से शुरू हुए तीन दिवसीय रोजगार मेले में 150 युवाओं को रोजगार मिला। कई नामचीन कंपनियों ने युवाओं को नियुक्ति पत्र भी दे दिए हैं। दूसरे दिन यहां बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि युवाओं में नई तकनीक पर आधारित स्किल विकसित करना जरूरी है। इसके लिए सरकार ने कृषि व बागवानी से संबंधित पाठ्यक्रमों की भी शुरुआत की है। हरियाणा सरकार किसानों को फसल विविधीकरण, डेयरी उद्योग, मत्स्य पालन व मधुमक्खी पालन से जोड़कर कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रही है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री का महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. समर सिंह व बागवानी विभाग के संयुक्त निदेशक एवं उद्यान प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य डा. जोगिंद्र सिंह ने स्वागत किया। इसके बाद कृषि मंत्री ने मेले का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में स्किल को बढ़ाने से ही आजीविका बढ़ाने में मदद मिलती है और रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी कौशल विकास से जुड़े पलंबर, राज मिस्त्री, इलेक्ट्रिशियन, एसी टेक्निीशियन और इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक जैसे फील्ड से जुड़े लोगों की मांग अत्यधिक है। इसे देखते हुए हरियाणा सरकार ने युवाओं को कृषि और बागवानी क्षेत्र से जोड़ने व उनमें स्किल विकसित करने के लिए नए पाठ्यक्त्रस्मों की शुरूआत की है।
प्रयास यह भी है कि युवाओं को गार्डनर, ग्रीन हाउस ऑपरेटर, पैक हाउस वर्कर, आर्गेनिक ग्रोअर, इंटीरियर लैंड स्केपर और होर्टिकल्चर सुरवाइजर के कोर्स करवाकर इन्हें स्वरोजगार व रोजगार की राह पर आगे बढ़ाया जाए। युवाओं को अपने संबंधित विषय में विशेषज्ञ बनने की आवश्यकता है तभी वे अपने निर्धारित लक्ष्य को पा सकेंगे।
महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. समर सिंह ने कहा कि युवाओं को कृषि व्यवसाय से कैसे जोड़ा जाए और किसानों की उन्नति कैसे हो, इसके लिए कृषि मंत्री प्रयासरत हैं। कृषि और बागवानी से संबंधित कौशल विकास युवाओं में अवश्य विकसित होने चाहिए। बागवानी विभाग के महानिदेशक डा. अर्जुन सिंह सैनी ने कहा कि उद्यान प्रशिक्षण संस्थान में विभिन्न अवधि के पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी इस क्षेत्र में अपनी स्किल विकसित कर रहे हैं। संस्थान में दाखिला मेरिट के बेस पर होता है। भारत सरकार के स्तर पर अखिल भारतीय कौशल परिषद के द्वारा आयोजित की जाती है तथा परिणाम भी उन्हीं के द्वारा घोषित किए जाते हैं। मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास, जिला बागवानी अधिकारी नेहा यादव, संस्थान के प्रशिक्षक, प्रशिक्षु और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
350 युवाओं का हुआ साक्षात्कार
रोजगार मेले के माध्यम से अब तक विभिन्न पाठ्यक्रमों के प्रशिक्षित लगभग 350 युवाओं के साक्षात्कार हुए हैं। इसमें 150 से अधिक युवाओं का चयन देश की नामचीन कंपनियों में हुआ है। मेले में आर्गेनिक शेयरिंग, अल्फा प्लांटर्स, ग्रीन अर्थ होर्टिकल्चर सोल्यूशन, चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय, बिग बास्केट, निफ्टेम, हरियाली, तीर्थ एग्रोटेक, इफको अर्बन गार्डन तथा प्रोवेडा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सहित 22 कंपनियां शामिल हैं। मेला 26 मार्च को भी चलेगा।