लंबे बाल रखने और बाइक पर स्टंट करने के शौकीन नीरज अक्सर दोस्तों से कहते थे कि जेवलिन में एकदिन तो ओलंपिक में हरियाणा का लठ गाड़ना ही है। बाइक पर दोस्तों को बैठाकर वे कई बार स्टंट करते थे।
दोस्तों के घरेलू आयोजनों में उनके घर जाकर वे एक परिजन के तरह अपना दायित्व भी निभाते हैं और खुशी के अवसरों पर यारों के साथ खूब मस्ती भी करते है। नीरज के सबसे छोटे चाचा सुरेंद्र नीरज को हमेशा प्रोत्साहित करते रहते थे। वे जब भी हॉस्टल मिलने आते थे तो यही कहते थे ‘नीरज एक दिन ओलंपिक में देश का झंडा बुलंद कर राष्ट्रगान बजवाना है।’
...जब दोस्तों ने भूत बनकर डराया
मस्ती का एक किस्सा सुनाते हुए दोस्त सैनी बताते है कि एक बार पंचकूला में हम सभी दोस्त फिल्म देखकर रात को लौटे तो नीरज समेत सभी ने फैसला लिया कि हॉस्टल में मौजूद अन्य खिलाड़ियों को क्यों न भूत बनकर डराया जाए फिर क्या था सभी दोस्त भूत बन गए और उन्होंने विभिन्न तरीकों से डरावनी आवाजें निकालकर हॉस्टल के अन्य खिलाड़ियों को खूब डराया।
नीरज बादाम घोटकर उससे बादाम रोगन बनाते थे और दोस्तों को भी खूब खिलाते थे। नीरज का मानना था कि बादाम से दिमाग भी तेज होगा और शरीर में ताकत भी आएगी। दोस्तों ने नीरज को करनाल बुलाकर उनके सम्मान में बड़ा आयोजन करने का भी विचार बनाया है।