यमुना में मंगलवार सुबह अचानक पानी आ गया। जिससे हरियाणा के करनाल क्षेत्र में समीप लगते इलाके के किसान हैरान हो गए। ताजेवाला हेड से करीब पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जो मंगलवार तक करनाल जिले को पार कर गया। पानी की चपेट में आए गेहूं के खेतों में जलभराव हो गया है।
इसके अलावा कुछ खेत ऐसे हैं जिनमें किसान बेल वाली सब्जियां लगाने की तैयारी कर रहे थे। किसानों ने तरबूज, ककड़ी, खरबूजा, घीया, करेला व टिंडा इत्यादि सब्जियों की पौध तैयार कर रखी है। यमुना में रेतीली जमीनों में इनकी रोपाई करनी है। उनकी कार्ययोजना ठप हो चुकी है।
चुंडीपुर गांव के किसान वेदपाल ने कहा कि नसीरपुर, कुंडा कलां, जम्मुखाला, डबरकी पार, मुस्तफाबाद, ढाकवाला, लालूपुरा, मुंडोगढ़ी, व सदरपुर गांव से लगते यमुना के अंदर खेतों में पानी भर गया। किसानों ने बेल वाली सब्जियों की पनीरी तैयार कर रखी है। उनको नुकसान होगा। यमुना के अंदर जो खेत गहरे हैं उनमें गेहूं की फसल में जलभराव हो गया है।
पहाड़ी क्षेत्र में बारिश हुई है और निचले इलाके में सिंचाई के लिए पानी की जरूरत नहीं है। मैदानी इलाकों में भी अच्छी बारिश हुई थी। ताजेवाला हेड से यमुना में करीब पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा है। इससे कोई नुकसान नहीं होता। इसके अलावा पश्चिमी यमुना में भी करीब 800 क्यूसेक पानी है। इसकी आपूर्ति दिल्ली व अन्य क्षेत्रों में इस्तेमाल के लिए की जा रही है। - नवतेज सिंह, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग