माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बसताड़ा टोल प्लाजा पर 28 अगस्त को किसानों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में वीरवार को आयोग के समक्ष किसान नेता बलबीर राजेवाल ने बयान दर्ज कराए। उन्होंने कहा कि जिस दिन लाठीचार्ज हुआ, उस दिन मैं यहां नहीं था। लेकिन आईएएस अधिकारी की जो वीडियो वायरल हुई उसमें अधिकारी का रवैया गैरकानूनी था, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस मांग को लेकर जब सचिवालय का घेराव किया गया था, उस दिन मैं यहीं था।
आयोग के चेयरमैन एसएन अग्रवाल ने उन्हें पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में बयान दर्ज कराने बुलाया था। करीब दो घंटे तक चेयरमैन ने किसान नेता बलबीर राजेवाल से बात की। अब तक 45 लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं। जिनमें किसान, पत्रकार और डॉक्टर भी शामिल हैं। एक दिन पहले किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी भी अपने बयान दर्ज करा गए थे। 25 अक्तूबर को आयोग ने किसानों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
इंडिया गेट तक नहीं जाएंगे किसान
बयान दर्ज कराने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान नेता बलबीर राजेवाल ने कहा कि आंदोलन ठीक चल रहा है, शांतिपूर्वक है और रहेगा। किसानों की जो यात्रा निकलनी है, उसे लेकर अभी विचार किया जाएगा। लेकिन ये तय है कि इंडिया गेट तक किसान नहीं जाएंगे। जत्थे जब भी जाएंगे सिंघू बार्डर या टिकरी बार्डर तक ही जाएंगे।
पार्टियों की तरह पंजाब में होगा चढूनी का विरोध
पंजाब के किसान नेता मुझ से जलन कर रहे हैं, गुरनाम चढूनी के इस बयान पर पलटवार करते हुए किसान नेता बलबीर राजेवाल ने कहा कि राजनीतिक बातें करना मोर्चे का काम नहीं है। हमने निर्णय लिया है कि अन्य पार्टियों की तरह पंजाब में गुरनाम चढूनी को भी काले झंडे दिखाएंगे।