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परिजनों व ग्रामीणों ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल, किया प्रदर्शन

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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। पुलिस की ओर से भले ही मासूम जस की हत्या का खुलासा कर दिया गया, लेकिन परिजनों को इस पर विश्वास नहीं हो रहा है। उन्होंने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। इसके तहत जस के परिजन प्रदर्शन करते हुए पहले लघु सचिवालय पहुंचे। इसके बाद वह हाईवे जाम करने के लिए आगे बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। फिर उन्होंने सेक्टर-12 चौक पर ही जाम लगा दिया। इसके बाद एक प्रतिनिधि मंडल एसपी गंगाराम पूनिया से मिला। इस दौरान एसपी ने दो दिन में सबूतों के साथ पूरे हत्याकांड के खुलासे का भरोसा दिलाया। इस पर परिजन वापस लौट गए।
गांव कमालपुर रोड़ान निवासी जस के चाचा अमन का कहना है कि जिन्होंने जस का शव दूसरे की छत पर फेंका था, वही जस के हत्यारे हैं। पुलिस कई दिनों से उसके चचेरे भाई, उसकी पत्नी व उसकी मां से पूछताछ कर रही थी। इस दौरान पुलिस ने उन्हें यह बताया था कि 95 प्रतिशत मामले का खुलासा हो गया है, लेकिन अब पुलिस कह रही है कि हत्या उन्होंने नहीं बल्कि उसके दूसरे चचेरे भाई की पत्नी अंजलि ने की है। ऐसे में उन्हें पुलिस की इस जांच पर विश्वास नहीं है। आरोप है कि पुलिस जानबूझकर जांच को घुमा रही है।
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शव को ठिकाने लगाने के लिए प्रयोग किया गया बैग, चादर और जस की चप्पल बरामद
पुलिस के अनुसार मासूम जस की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए पहले बेड में छिपाकर रखा गया था और फिर एक बैग में डालकर फेंकने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस की सक्रियता को देख पशुबाड़े की छत पर फेंक दिया गया। पुलिस ने मामले में वह बैग, चादर जिस पर खून के धब्बे हैें और जस की चप्पल बरामद की है। इसके बावजूद जस के परिजनों को पुलिस के इस दावे पर विश्वास नहीं है। यही कारण है कि रविवार सुबह से दोपहर तक जस के परिजनों व समाज के लोगों ने शहर में एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। साथ ही पुलिस की जांच पर सवाल उठाए।
न्याय दिलाने के लिए जीटी रोड जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे : दादूपुर
भारतीय किसान मजदूर नौजवान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र आर्य दादूपुर ने कहा कि जस को न्याय दिलाने के लिए जीटी रोड भी रोकना पड़े तो किसान पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के बाद 11 सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल एसपी गंगा राम पूनिया से उनके आवास पर मिला था। वार्ता के दौरान एसपी करनाल ने कहा है कि बुधवार शाम तक पुलिस सभी एफएसएल व डीएनए रिपोर्ट आदि देखकर निष्कर्ष तक पहुंचेगी। साथ ही पुलिस पोलीग्राफी व नार्को टेस्ट भी करवाएगी। इसीलिए प्रतिनिधि मंडल ने एसपी करनाल की बात को मानते हुए बुधवार तक कोई महापंचायत न करने का फैसला किया है।
आरोपी महिला के मोबाइल में गेम खेलता था जस
-बताया जा रहा है कि जस स्कूल से आने के बाद आरोपी महिला अंजलि के पास उसके मोबाइल में गेम खेलता था लेकिन इसके बावजूद भी आरोपी महिला ने बेरहमी से जस की हत्या कर दी। ग्रामीणों के अनुसार अंजलि ने विकास के साथ लव मैरिज की हुई है और करीब चार साल पहले इनकी शादी हुई थी। बताया जा रहा है कि पिछले दो साल से अंजलि गांव में रह रही है। वह गर्भवती भी है।
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ऐसे हुआ अंजलि पर शक
सूत्रों के अनुसार परिजनों के शक के आधार पर पुलिस ने रिश्ते में जस की ताई, ताऊ और ताऊ की मां से पूछताछ की थी, क्योंकि उनका इनमें से एक महिला पर जस का शव दूसरे की छत पर फेंकने का आरोप था। जब पुलिस ने इन तीनों से पूछताछ की तो सामने आया कि व्यक्तियों की छत पर जस का शव पड़ा था तो उन्होंने उस शव को दूसरे की छत पर फेंक दिया, लेकिन जस की हत्या उन्होंने नहीं की। इसके बाद पुलिस ने इन व्यक्तियों से गहनता से पूछताछ की तो अंजलि के नाम का खुलासा हुआ, क्योंकि अंजलि ने ही इन्हें कहा था कि अब उनके घर की तलाशी होनी है। ऐसे में पहले ही घर की जांच कर लो। इस शक पर पुलिस ने अंजलि से पूछताछ की और सामने आया कि अंजलि ने ही जस की हत्या की।
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