ट्रेन अहमदाबाद तक डीजल इंजन से चलती है, अहमदाबाद में इंजन बदलने में करीब 25 मिनट का समय लगता है। इलेक्ट्रिक इंजन में तब्दील होने से रेलवे का खर्च बचेगा और प्रदूषण भी नहीं होगा।
चंडीगढ़-बांद्रा-चंडीगढ़ सुपरफास्ट एक्सप्रेस 22452/51 को डीजल से इलेक्ट्रिक इंजन में तब्दील करने का निर्णय लिया गया है। रेलवे के बरोदा हाउस नई दिल्ली मुख्यालय ने इस बाबत सूचना जारी कर दी है। चंडीगढ़ से अहमदाबाद तक यह गाड़ी डीजल इंजन से चलती है।
विज्ञापन
उससे आगे इलेक्ट्रिक इंजन से चलाई जा रही है। अहमदाबाद में इंजन बदलने में करीब 25 मिनट का समय लगता है, जिसकी अब बचत होगी। इससे रेलवे का खर्च बचेगा और प्रदूषण भी नहीं होगा। यात्रियों को गाड़ी की गति भी बढ़ने की उम्मीद है।
यह ट्रेन हरियाणा के कईं स्टेशनों से होकर गुजरती है। करनाल में सप्ताह में यह गाड़ी दो दिन मिलती है। 12 जनवरी को जब बांद्रा से यह गाड़ी प्रस्थान करेगी तो 13 जनवरी को करनाल पहुंचेगी। इसके सफर में करनाल से मुंबई तक आने-जाने में 24 घंटे का समय लगता है।
विज्ञापन
डाउन में करनाल स्टेशन पर सुबह 7:25 बजे और अप साइड में दोपहर 12 बजे ठहराव है। करनाल से दो घंटे में गुरुग्राम पहुंचती है। डाउन की ओर यह गाड़ी 22452 चंडीगढ़-बांद्रा रविवार और बुधवार को चलती है। इन्हीं दो दिन करनाल स्टेशन पर ठहराव है। अप साइड में 22451 गाड़ी बांद्रा से सोमवार और वीरवार को चलती है और करनाल में मंगलवार एवं शुक्रवार को ठहराव है।
करनाल स्टेशन से राजधानी चंडीगढ़, अंबाला, पानीपत के अलावा हरियाणा के मुख्य शहरों में जाने वाले यात्रियों के लिए यह गाड़ी मुफीद रहती है। यहां से गुरुग्राम और रेवाड़ी के उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारी इस ट्रेन में यात्रा करते हैं। धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिहाज से भी यहां से खाटू श्याम धाम, अजमेर शरीफ, पुष्कर ब्रह्मा जी मंदिर और ब्रह्माकुमारी आश्रम के अनुयायी इस गाड़ी से सफर करते हैं। अहमदाबाद और सूरत से जुड़े बड़ी तादाद में व्यवसायी इससे यात्रा करते हैं।