करनाल। श्रम और रोजगार मंत्रालय की ओर से असंगठित कामगारों का एक नेशनल डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। योजना के तहत असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को एक यूनिक आईडी दी जाएगी, जिससे भविष्य में मजदूरों के उत्थान के लिए खाका तैयार किया जा सकेगा। जिले में योजना की शुरुआत वीरवार को उपमंडल अधिकारी (नागरिक) आयुष सिन्हा ने की।
उन्होंने बताया कि यूनिक आईडी बनवाने वाले श्रमिकों को पीएम सुरक्षा बीमा योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। कॉमन सर्विस सेंटर पर बिना किसी शुल्क के यह आईडी बनवाई जा सकती है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की इस योजना के तहत देश के 43.7 करोड़ श्रमिकों जो असंगठित क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं, को जोड़ा जाएगा। इससे उनके सामाजिक एवं आर्थिक जीवन स्तर में सुधार होगा।
उन्होंने बताया कि इस योजना के दायरे में आने के लिए असंगठित कामगारों को सीएससी पर जाकर पंजीकरण करवाना होगा। यह पंजीकरण निशुल्क किया जाएगा। पंजीकरण के बाद श्रमिक दो लाख रुपये तक का प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का कवर भी ले सकता है। योजना में किसी का पंजीकरण होने के बाद हादसे में मृत्यु होने पर स्वजनों को दो लाख रुपये तक की सहायता राशि मिल सकेगी। इस मौके पर सहायक लेबर इंस्पेक्टर पवन कुमार और उनकी टीम व जिला प्रबंधक सीएससी विनोद कुमार उपस्थित रहे।
पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना में पंजीकरण के लिए श्रमिक को अपना आधार कार्ड, बैंक खाता और मोबाइल फोन नंबर देना जरूरी होगा। पंजीकरण के समय एक ओटीपी मोबाइल नंबर पर जाएगा। उसके बाद वह यूएन कार्ड के साथ जुड़ जाएगा। पंजीकरण की शुरूआत हो चुकी है। श्रमिक किसी भी सीएससी पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकता है।