संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पिछले एक माह में हुई बारिश जिले में किसानों क लिए मुसीबत बनकर बरसी। इस बारशि से जिले में सैकड़ों किसानों की खड़ी फसल में भारी नुकसान हुआ है। एक तरह से उनके सपनों पर पानी फिर गया है। पूरे जिले में पिछले एक माह में हुई बारिश में हुए नुकसान के कारण 432 किसानों ने फसल मुआवजे के लिए आवेदन किया है। कृषि विभाग ने अधिकतर किसानों का सर्वे किया जा चुका है। कईयों का अभी किया जाना है।
आपदा के तहत किसानों को खराब हुई फसल का मुआवजा दिया जाता है। यह मुआवजा उन्हीं किसानों को मिलता है, जिन्होंने प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत फसल का बीमा करवाया है। इस सीजन में जिलेभर से कृषि विभाग के पास अब तक 432 व्यक्तिगत सूचना फसलें खराब होने की प्राप्त हुई हैं। इनमें 92 सूचनाएं 11 जनवरी से 18 जनवरी तक होने वाली बरसात की हैं। जिनका सर्वे किया जा रहा है। विभाग के अनुसार कई जगहों पर 30 प्रतिशत तक नुकसान किसानों को हुआ हे। इस सर्वे रिपोर्ट को विभाग मुख्यालय भेजा जा रहा है। वहीं 340 सूचनाएं 3 व 4 फरवरी को हुई बरसात की है। जिनका सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के बाद इनकी रिपोर्ट भी मुख्यालय में भेज दी जाएगी। इन सभी सूचनाओं में किसानों की औसतन 3 से 4 एकड़ फसल खराब है। सबसे अधिक फसल गुहला क्षेत्र में खराब होने की सूचना प्राप्त हुई है। अब तक गेहूं की फसल ही खराब होने की ही सूचना है।
किसानों ने कहा कि कई क्षेत्रों में इस बारिश से सब्जी की फसल में भारी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर गेहूं की फसल भी नुकसान में है। यह ऐसा समय है, जिसमें फसल की फिर से बुआई नहीं की जा सकती। एक बार फसल खराब हुई तो पूरे छह माह के लिए नुकसान हो गया। इसीलिए किसानों ने सरकार से मुआवजा राशि दिलवाए जाने की मांग की है।
कैथल कृषि विभाग में सांख्यिकीय सहायक सुशील कुमार ने बताया कि स्थानीय आपदा के तहत इस बार अब तक 432 व्यक्तिगत सूचना फसलें खराब होने की आई है। इनका विभाग की ओर से सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के बाद इनकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय में भेज दी जाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खराब हुई फसलों को मुआवजा सीधे किसानों के बैंक खातों में ही जाएगा।