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डीटीपी रिश्वत कांड मामला

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डीटीपी और तहसीलदार रिश्वत कांड :
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तहसीलदार राजबख्श को साथ लेकर विजिलेंस ने कई ठिकानों पर की छापामारी
-50 लाख की नकदी और अहम दस्तावेजों की करनी है बरामदगी
-डीटीपी को आज कोर्ट में किया जाएगा पेश, खुल सकते हैं कई राज
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। डीटीपी रिश्वत कांड मामले में हरियाणा स्टेट विजिलेंस की टीम ने तहसीलदार राजबख्श को साथ लेकर कई ठिकानों पर छापामारी की। टीम को आरोपी तहसीलदार से करीब 50 लाख रुपये व अहम दस्तावेज बरामद करने हैं। वहीं, तीन दिन की रिमांड के बाद डीटीपी विक्रम को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को विजिलेंस की टीम अहम खुलासे कर सकती है, वहीं तहसीलदार से बरामद होने वाले दस्तावेजों से भी कई खुलासे हो सकते हैं।
हरियाणा स्टेट विजिलेंस की टीम ने 11 मार्च को डीटीपी विक्रम को सेक्टर-6 स्थित उसके घर से पांच लाख रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथों पकड़ा था। इस दौरान उसके ड्राइवर बलबीर को भी पांच हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा गया था। इस दौरान डीटीपी के घर से 78.64 लाख रुपये भी बरामद किए गए थे। दोनों आरोपियों को 12 मार्च को कोर्ट में पेश कर विजिलेंस की टीम ने तीन दिन के रिमांड पर लिया। 14 मार्च को विजिलेंस ने तहसीलदार राजबख्श को गिरफ्तार किया था। 15 मार्च को तहसीलदार राजबख्श व डीटीपी विक्रम को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से तहसीलदार को एक दिन और डीटीपी को दोबारा तीन दिन के रिमांड पर भेजा गया था। 16 मार्च को दोबारा तहसीलदार को कोर्ट में पेश किया गया था जहां से उसे पांच दिन की रिमांड पर भेजा गया है।
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डायरी से खुल सकते हैं कई राज
सूत्रों का कहना है कि डीटीपी विक्रम के घर से विजिलेंस की टीम को एक डायरी बरामद हुई थी। उस डायरी में बड़े अधिकारियों, रसूखदारों व कई कर्मचारियों और कॉलोनाइजरों के भी नाम हैं। विजिलेंस डायरी के हर पन्ने खंगाल रही है। जिससे उनके नाम भी सामने आ सकते हैं।
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दूसरा मामला
एसई दीपक के कहने पर पीए लेकर आता था रिश्वत के रुपये
करनाल। नगर निगम कार्यालय में रिश्वत के रुपये लेते वायरल हुए वीडियो के मामले में एसई दीपक किग्गर के पीए विकास शर्मा को सिविल लाइन थाना पुलिस ने एक दिन के रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि पीए विकास शर्मा एसई दीपक किग्गर के कहने पर रुपये लेकर आता था। उनमें से दो से तीन हजार रुपये उसे दिए जाते थे हालांकि पुलिस को पीए विकास शर्मा से नकदी रिकवर करनी थी जो कि नहीं हो पाई। पुलिस का कहना है कि एसई दीपक को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें छापामारी कर रही हैं। उसके पकड़े जाने के बाद खुलासा होगा कि आरोपी एसई किन-किन लोगों से कितने कितने रुपये लेता था और किन किन बड़े अधिकारियों व कर्मचारियों देता था। संवाद
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