करनाल सिविल अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मनन गुप्ता ने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत करनाल की ड्रग एडिक्शन एवं मेंटल हेल्थ की टीम ने गांव गोंदर का दौरा किया। इस दौरान टीम घर-घर तक पहुंची। जिनमें से 70 से अधिक नशे से पीड़ित मरीजों की पहचान की गई।
करनाल के सिविल अस्पताल की ड्रग एडिक्शन एवं मेंटल हेल्थ की टीम ने निसिंग खंड के गांव गोंदर का दौरा किया। टीम ने गांव के हर घर दस्तक देकर 70 से अधिक नशे से पीड़ित मरीजों की पहचान की। जिनका जल्द ही स्वास्थ्य विभाग की ओर निशुल्क इलाज शुरू किया जाएगा। इस दौरान टीम ने लोगों को नशे के हानिकारक प्रभावों के बारे में शिक्षित किया और उन्हें मदद लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
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टीम ने नशा मुक्ति जागरूकता एवं परामर्श के लिए गांव गोंदर का किया दौरा
सिविल अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मनन गुप्ता ने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत करनाल की ड्रग एडिक्शन एवं मेंटल हेल्थ की टीम ने गांव गोंदर का दौरा किया। इस दौरान टीम घर-घर तक पहुंची। जिनमें से 70 से अधिक नशे से पीड़ित मरीजों की पहचान की गई। जिनमें से 36 का इलाज शुरू करने के लिए फार्म भर दिया गया है।
अब 19 मई को टीम गांव में करेंगी अपना अगला दौरा
वहीं, बचे हुए लोगों को भी अपना इलाज कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया। जिससे नशा मुक्त भारत अभियान को आगे बढ़ाया जा सकें। इसके साथ ही 62 मरीजों की एचआईवी की जांच की गई। अब गांव में टीम अगला दौरा 19 मई को करेंगी। इस मौके पर आरएमपी डॉ. धर्म पाल शर्मा, एचआईवी काउंसलर ममता, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट संतोष, सोशल वर्कर विकास, सरपंच कविता, एएनएम रेनू, आशा कार्यकर्ता रानी, सरोज, कुसुम, मीना, रेणु, शीला व सीआरए पूजा मौजूद रहीं।
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पंचायत सदस्य देंगे दो नशा मुक्ति स्वयंसेवक
टीम ने दौरे के बाद ग्राम पंचायत सरपंच सहित पंचायत सदस्यों के साथ बैठक की। जिसमें बताया गया कि गांव की आबादी 20 हजार है और लगभग 20 पंचायत सदस्य हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक पंचायत सदस्य कम से कम दो नशा मुक्ति स्वयंसेवकों की पहचान करेगा और प्रत्येक स्वयंसेवक अपने वार्ड से कम से कम तीन मरीजों को लाकर उसका इलाज करवाएगा। जिससे अधिक से अधिक लोगों को नशा मुक्त कर सकें।