इंटरनेशनल शूटर अनीश बनवाला ने कभी माडर्न पेंटाथलॉन खेल से शुरूआत की थी लेकिन पढ़ाई और पांच खेलों का प्रशिक्षण एक साथ लेना मुश्किल हो रहा था। माडर्न पेंटाथलॉन जिसमें कि पांच खेल पिस्टल शूटिंग, फेंसिंग, स्वीमिंग, हॉर्स राइडिंग और रनिंग शामिल है हालांकि इन खेलों में भी वह बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे और नेशनल स्तर पर कई मेडल भी जीत चुके थे।
इंडिविजुअल शूटिंग में कई पदक जीत चुका
एक दिन उनके पड़ोस में रहने वाले हरियाणा पुलिस में तैनात डीएसपी जो खुद शूटिंग में कॉमनवेल्थ गेम में गोल्ड मेडलिस्ट हैं, उन्होंने उनके पिता जगपाल बनवाला को अनीश द्वारा शूटिंग पर ध्यान केंद्रित करने का परामर्श दिया। परिजनों ने भी बात पर गौर करते हुए अनीश को शूटिंग खेलने के लिए प्रेरित किया। उसके बाद अनीश ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज वह इंटरनेशनल शूटर हैं। जो टीम और इंडिविजुअल शूटिंग में कई पदक जीत चुका है।
उपलब्धि
अनीश ने 2023 सीनियर शूटिंग वर्ल्ड कप के 25 मीटर रेपिड फायर में 12 साल बाद भारत को कांस्य पदक दिलाया था। उससे पहले 2022 में सीनियर वर्ल्ड कप में एक टीम गोल्ड मिला था। हाल ही में वह अजरबैजान की राजधानी बाकू में नौ से 15 मई तक आयोजित होने वाले सीनियर वर्ल्ड कप के लिए रवाना हो चुका है। वर्ष 2018 में ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम के 25 मीटर रेपिड फायर में अनीश ने देश को स्वर्ण पदक दिलाया था।
पांच बार सीनियर चैंपियन भी रह चुका
उस समय वह 10वीं क्लास में पढ़ाई करता था। देश के प्रधानमंत्री ने भी मन की बात में अनीश के साथ बात कर उसकी उपलब्धि पर बधाई दी थी। यहीं नहीं, माडर्न पेंटाथलॉन में भी वह कई पदक जीत चुका है। इसके अलावा उन्होंने 25 मीटर रेपिड फायर पिस्टल में महारत हासिल करते हुए कई पदकों पर कब्जा किया। अनीश अब तक नेशनल में 65 और इंटरनेशनल में करीब 30 पदक अपने नाम कर चुका है। यहीं नहीं, पांच बार लगातार जूनियर चैंपियन और पांच बार सीनियर चैंपियन भी रह चुका है।
लक्ष्य
पिता जगपाल बनवाला ने बताया कि अनीश और उसकी बड़ी बहन मुस्कान दोनों ही शूटर हैं। फरवरी 2018 सिडनी में आयोजित जूनियर वर्ल्ड कप में व्यक्तिगत मुकाबले में मुस्कान और अनीश ने एक साथ स्वर्ण पदक हासिल किया था। मुस्कान 25 मीटर स्पोर्ट पिस्टल और अनीश ने 25 मीटर रेपिड फायर में भाग लिया था। अनीश का लक्ष्य 2024 में पेरिस (फ्रांस) में आयोजित होने वाले ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक लेकर आना है। जिसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रहा है।
संघर्ष
अनीश को तराशने में पिता जगपाल बनवाला का बहुत बड़ा त्याग है। जिन्होंने अपने बेटे के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी वकालत छोड़कर 2015 में फरीदाबाद का रुख किया और अनीश को दिल्ली की करणी सिंह शूटिंग रेंज से प्रशिक्षण दिलाना शुरू किया। वहीं पर अनीश शूटिंग की बारीकियां सीखने के साथ-साथ फरीदाबाद स्थित मानव रचना यूनिवर्सिटी से बीबीए फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहा है।
उम्मीद
पिता जगपाल बनवाला और माता पूनम रानी को अपने बेटे पर नाज है। उनका कहना है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनका बेटा जरूर देश को ओलंपिक में पदक दिलाएगा। उनका त्याग और बेटे की कड़ी मेहनत जाया नहीं जाएगी। अनीश हर प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।