प्रबंध निदेशक संजय कुमार राकेश ने बताया कि करनाल में पहली सीएससी उड़ान एकेडमी खोलने के बाद आगामी दो सालों में देश में करीब 100 सीएससी उड़ान एकेडमी स्थापित की जाएंगी। करनाल की तरह ही देश में अन्य एकेडमी भी अन्य कंपनियों, एजेंसियों के साथ मिलकर खोली जाएंगी। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा। कृषि क्षेत्र हो या फिर औद्योगिक क्षेत्र सभी में ड्रोन का उपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। ये कहा जा सकता है कि आगे आने वाला समय ड्रोन का है। इसलिए ड्रोन संचालकों की अत्यधिक आवश्यकता पड़ने वाली है। इसे देखते हुए ही सीएससी ने ग्रामीण भारत में ड्रोन प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है।
अभी तक देशभर में कुल 45 ड्रोन प्रशिक्षण संस्थान हैं, इनकी फीस करीब 55 हजार रुपये से 90 हजार रुपये तक है लेकिन सीएससी इस प्रशिक्षण को ग्रामीण स्तर तक लेकर जा रहा है। सीएससी जो उड़ान एकेडमी स्थापित कर रही है, उनमें सिर्फ 15 से 20 हजार रुपये तक ही फीस ली जाएगी।