इमारत में बनाए गए 21 बड़े हॉल में करीब 250 श्रमिक रह रहे थे जबकि इनकी क्षमता करीब 125 श्रमिकों की थी। इमारत पर दो गुना बोझ पड़ रहा था।
खाली प्लॉट में पानी भरने और प्लास्टर उखाड़ने से कमजोर हुई इमारत
इमारत से लगते खाली प्लाॅट में पानी भरा रहने से दलदल बन गया है। इससे इमारत की दीवारें और कमजोर हो गई थीं। एक सप्ताह से मरम्मत के लिए दीवारों का प्लास्टर हटाया जा रहा था। पुराना उखाड़कर नया प्लास्टर करने का काम चल रहा था, जिसकी वजह से दीवार और भी कमजोर हो गई।
जांच अधिकारी के अनुसार
मौके की जांच कर तथ्यों को शामिल किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से बनाई गई कमेटी जांच कर रही है। जिसकी रिपोर्ट तीन दिन में आने की उम्मीद है। पुलिस की जांच भी दो दिन में पूरी कर ली जाएगी। घायलाें के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, तफ्तीश जारी है। - संदीप कुमार, एसएचओ, तरावड़ी थाना।