माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गांव ढाकवाला गुजरान की अब तस्वीर बदलने की उम्मीद है। करीब 500 घरों और 2600 की आबादी वाले इस गांव को उपायुक्त अनीश यादव ने प्रदेश सरकार की ग्राम संरक्षण स्कीम के तहत गोद ले लिया है। जिससे यहां सुविधाएं बढ़ेंगी और विकास कार्य हो सकेंगे।
करोड़ों रुपये खर्च करके गांव के सभी कच्चे एवं खराब रास्तों को पक्का किया जाएगा। वहीं पीएचसी, खेल स्टेडियम एवं व्यायामशाला, पुस्तकालय नया बनेगा। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों को भी नया भवन तैयार करके शिफ्ट किया जाएगा। अपग्रेड हुए राजकीय स्कूल की भी दशा और सुविधाओं में इजाफा होगा।
वर्तमान में गांव में सुविधाओं की काफी कमी है और विभिन्न समस्याओं से ग्रामीण जूझ रहे हैं। अब जल्द इन्हें समस्याओं से निजात मिलेगी। बुधवार को उपायुक्त ने भी गांव का दौरा करके हालात जाने। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बैठकर ग्रामीणों के साथ चर्चा की और उनकी समस्याओं को भी सुना। साथ ही विकास संसाधनों को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में बीडीपीओ कंचन लता, गांव के निवर्तमान सरपंच कुलदीप, ग्राम सचिव, आशा कर्वर, आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर और स्वच्छता गृही उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने बैठक मेें रखी समस्याएं
निवर्तमान सरपंच कुलदीप ने उपायुक्त को बताया कि गांव में करीब 1500 वोट हैं। करीब 19 एकड़ पंचायती जमीन है। पंचायत ने यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की मांग की थी, जो पंचायती जमीन में से ही ढाई एकड़ में बनाने का प्रस्ताव था। इसी प्रकार 4 एकड़ में स्टेडियम और ढाई एकड़ पावर हाउस के लिए प्रस्तावित की गई है। ग्रामीण हंस राज ने बताया कि गांव में प्रवेश रास्ते पर तीन-चार ट्रांसफार्मर सड़क के बीच में हैं, उनको शिफ्ट किया जाए। प्रवेश मार्ग ईंटों से बना है, जो कंडम हालत में है। जोहड़ में गंदगी की भरमार है। उपायुक्त ने ग्रामीणों को बताया कि गांव में पीएचसी का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है, जिसमें शर्तों में छूट प्रदान करने का आग्रह किया गया है। यह गांव करनाल से 15 किलोमीटर दूर है।
ये कार्य भी होंगे
- प्रवेश मार्ग को एचएसएएमबी से सुदृढ़ कराया जाएगा।
- बुजुर्गों की परिवार पहचान पत्र के जरिए और विधवा महिला या निराश्रित बच्चों की पेंशन बनेगी।
- व्यायामशाला सह स्टेडियम बनवाएंगे। शमशान घाट के कच्चे रास्ते पर टाइलें लगेंगी।
- ग्राम पंचायत गांव और तालाबों की सफाई कराएगी।
- स्कूल का दर्जा बढ़ाकर सीनियर सेकेंडरी कर दिया है, इसमें कमरों की संख्या बढ़ाने के लिए पहले से मौजूद कमरों के प्रथम तल की योजना बनेगी।
- बच्चों को पढ़ने के लिए ज्ञानवर्धक किताबें मिलें इसके लिए स्कूल में लाइब्रेरी बनेगी।
- दो निजी मकानों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र को शिफ्ट किया जाएगा।
- निर्माणाधीन वाल्मीकि चौपाल के कार्य में तेजी आएगी।