फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करनाल: आतंकी गुरप्रीत की प्रेमिका की मां के खाते में मिले 12 से 13 लाख रुपये, पूछताछ में हुए कई अहम खुलासे

Wed, 11 May 2022 06:41 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)

सार

दूसरी ओर पुलिस फर्जी आरसी और नंबर की भी जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि आतंकियों से बरामद फर्जी आरसी और गाड़ी नंबर यमुनानगर से बनाए गए हैं।
विज्ञापन
मधुबन थाने में इनोवा गाड़ी से विस्फोटक निकालते बम निरोधक दस्ते के एक्सपर्ट। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल फोटो)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बसताड़ा टोल प्लाजा पर पकड़े गए चार आतंकियों के मामले में खुलासा हुआ है कि मुख्य आतंकी गुरप्रीत ने फिरोजपुर निवासी अपनी प्रेमिका को 12 से 13 लाख रुपये दिए थे, जो कि उसने अपनी मां के खाते में डाले थे। इसकी जांच पुलिस ने कर ली। हालांकि प्रेमिका से भी पूछताछ की गई, लेकिन उसका आतंकी मामले से कोई संबंध नहीं हैं। इसके अलावा पुलिस को जानकारी मिली है कि हवाला के जरिए आतंकियों के पास रुपये आते थे। जिसकी पुलिस जांच कर रही है। वहीं जांच में एक और व्यक्ति का नाम सामने आया है जो आतंकियों को रुपये देता था। आतंकी हेरोइन बेचकर भी रुपये कमाते थे। 

विज्ञापन


 बुधवार को भी अन्य राज्यों से आई जांच एजेंसियों ने चारों आतंकियों से पूछताछ की है। बठिंडा जेल में बंद राजबीर को पंजाब पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर ले लिया है। इसके बाद करनाल पुलिस आतंकी राजबीर को प्रोडक्शन वारंट पर लेगी। पुलिस का कहना है कि 10 दिन के रिमांड के बाद चारों आतंकियों को दोबारा रिमांड पर भी लिया जा सकता है। 

फर्जी आरसी मिलने पर मामला दर्ज
फर्जी आरसी मामले में एसपी गंगाराम पूनिया ने बताया कि मधुबन थाने में मामला दर्ज कर लिया है। आतंकियाें से दो आरसी बरामद हुई थी जो स्कॉरपियो व ब्रेजा कार की थी। दोनों आरसी फर्जी निकली हैं। उन आरसी की स्कॉरपियो यमुनानगर के देवधर के रहने वाले इकबाल के नाम है। ब्रेजा कार पानीपत के सिवाह निवासी रजनीश के नाम है।
विज्ञापन


ये दोनों गाड़ियां इनके मालिकों के पास हैं, लेकिन आतंकी इन गाड़ियां की आरसी पर अपनी गाड़ियां चला रहे थे। इनमें से एक स्कॉरपियो पंजाब पुलिस ने बरामद कर ली है। कुछ समय पहले यमुनानगर में फर्जी आरसी बनाने का मामला सामने आया था, पुलिस को शक है कि उसी दौरान ये फर्जी आरसी बनाए गए थे। पुलिस आरोपी को पकड़ने का प्रयास कर रही है। 

करनाल में रिश्तेदार का निकला नंबर, मामले से नहीं कोई संबंध 
आतंकियों के मोबाइल में करनाल के एक व्यक्ति का नंबर था। जिसकी पुलिस ने जांच की तो वह नंबर उनके दूर के रिश्तेदार का निकला। जांच में यह भी सामने आया है कि उसका आतंकी से विस्फोटक सामग्री से संबंधित कोई संबंध नहीं है। करीब छह महीने पहले ही उनकी एक बार बात हुई थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें