हरियाणा में करनाल के बसताड़ा टोल पर चार आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें 10 दिन की रिमांड पर लेकर पुलिस लगातार पूछताछ में जुटी है, लेकिन देर रात तक न तो स्पष्ट तौर पर ये आतंकी किस संगठन से जुड़े हैं, इसका खुलासा हो सका और न ही उनका लक्ष्य क्या था, इसका पता लग सका है।
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विस्फोटक सामग्री की बरामदगी से ये तो स्पष्ट है कि इसे धमाका करने के लिए ही ले जाया जा रहा था लेकिन पुलिस के सामने बड़ी चुनौती ये है कि आखिर कहां? आदिलाबाद, नादेड़ या फिर दिल्ली। बताया जा रहा है कि जो आतंकी गिरफ्तार हुए हैं, ये तो सिर्फ कूरियर मात्र हैं, भारत में फैले स्लीपर सेल कहां-कहां हैं, इसका पता लगाना बड़ी चुनौती है।
आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद हरियाणा के साथ-साथ पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र की खुफिया एजेंसियों की भी नींद उड़ गई है। एजेंसियां ये पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर कैसे पाकिस्तान में पल रहे आतंकी के इशारे पर उसके द्वारा भेजी गई सामग्री सरहद पार करके भारत में दाखिल हो गई। इतना ही नहीं, उसे पंजाब के फिरोजपुर से तेलंगाना तक की लंबी यात्रा पर निकाल दिया गया।
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ये विस्फोटक दिल्ली होकर जाने थे। खुफिया एजेंसियों और पुलिस के सामने नेटवर्क को उजागर कर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी करना बड़ी चुनौती है। चार आतंकियों ने प्रारंभिक पूछताछ में ये तो बता दिया कि वह कैसे हरविंदर सिंह रिंदा के संपर्क में आए तथा विस्फोटक सामग्री पाकिस्तान से सरहद पार भारत के पंजाब राज्य स्थित फिरोजपुर के निहालेवाला गांव के खेत तक कैसे पहुंची। लेकिन अभी तक यह नहीं बताया कि ये सामग्री किस उद्देश्य से कहां ले जाई जा रही थी, वहां इसे कौन रिसीव करने वाला था।
पुलिस महानिरीक्षक सतेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के तत्काल बाद ही पंजाब पुलिस को सूचित कर दिया गया था। वहां भी इसकी जांच शुरू हो गई है। गिरफ्तार आतंकियों को कोर्ट ने 10 दिन के रिमांड पर दिया है, उनसे पुलिस अधिकारियों के साथ साथ खुफिया एजेंसियां भी लगातार पूछताछ कर रही हैं। अभी किसी संगठन से जुड़ाव की बात सामने नहीं आई है, लेकिन शीघ्र ही इस मामले से जुड़ी प्रत्येक कड़ी से पर्दा उठ जाएगा।