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करनाल: आतंकियों के पकड़े जाने से क्षेत्रवासी हैरान, पुलिस सक्रिय न होती तो दो घंटे में दिल्ली सीमा में प्रवेश कर जाते आतंकी

Fri, 06 May 2022 02:59 AM IST
भूपेंद्र सिंह जयभगवान सेन, संवाद न्यूज एजेंसी, घरौंडा/मधुबन, करनाल (हरियाणा)

सार

करनाल पुलिस सक्रिय न होती तो दो घंटे में हरियाणा को पार कर चारों आतंकी दिल्ली सीमा क्षेत्र में प्रवेश कर जाते। करनाल पुलिस की सक्रियता को सराहा गया।
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आरोपियों को कोर्ट में लेकर जाती पुलिस, बरामद किए हथियार, पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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चंडीगढ़-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बसताड़ा टोल टैक्स प्लाजा के समीप इनोवा गाड़ी में विस्फोटक सामग्री सहित चार आतंकवादियों के पकड़े जाने से क्षेत्रवासी हैरान हैं। करनाल ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों में भी इसे लेकर दिनभर चर्चा होती रही। हर कोई आतंकियों के इरादे को लेकर कयास लगाता रहा। साथ ही करनाल पुलिस की सक्रियता को भी सराहा गया। कारण कि यदि सही समय पर पुलिस अलर्ट नहीं होती तो धरे गए आतंकी हरियाणा की सीमा पार कर दिल्ली में प्रवेश कर जाते। 

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 पुलिस ने जब बसताड़ा टोल प्लाजा के समीप आतंकियों की गाड़ी को घेरा तो आसपास के वाहन चालक भी हतप्रभ रह गए। एक पल किसी को पुलिस की कार्रवाई का अहसास नहीं हुआ। आतंकियों को गिरफ्त में लेने के बाद पुलिस ने उनकी गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया और मधुबन थाने लाया गया। जहां पूरा दिन वरिष्ठ अधिकारियों का आना-जाना लगा रहा।

कई घंटे बाद पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया थाने से बाहर आए और आतंकियों के पकड़े जाने की जानकारी दी। तब तक पुलिस आतंकियों के बारे में काफी कुछ पता कर चुकी थी। आतंकियों के धरे जाने की पुष्टि होने के बाद यह खबर चारों तरफ फैल गई। 
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हर तरफ यही चरचा होती रही कि आखिर आतंकियों के इरादे क्या हैं। गनीमत रही कि करनाल पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आतंकियों को दबोच लिया, अन्यथा दो घंटे में हरियाणा को पार कर वे दिल्ली की सीमा क्षेत्र में प्रवेश कर जाते। 

सफलता के साथ करनाल पुलिस की चुनौती भी बढ़ी
आतंकी करनाल सीमा क्षेत्र में पकड़े गए, इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ करनाल पुलिस की जांच का दायरा भी बढ़ गया है। इन आतंकियों के तार कहां-कहां तक जुड़े हुए हैं और अब से पहले इनकी किन-किन गतिविधियों में संलिप्तता रही। इनके साथ किस राज्य में कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। यह तमाम बिंदु जांच के दायरे में आ चुके हैं। ऐसे में अब पुलिस को हर उस कड़ी तक पहुंचना होगा जो आतंक से जुड़ी हो सकती है। साथ ही पंजाब में पाकिस्तान से लगती सीमाओं की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करना होगा।  

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