करनाल। दो साल बाद भी रामलीला पर कोरोना साया है। ऐसे में इस बार शहर में केवल एक ही दशहरा उत्सव मनेगा। शहर की दो बड़ी रामलीला कमेटियां मिलकर आयोजन करेंगी। इनमें श्री रामायाण पाठक सभा रामलीला भवन के मंच पर रामलीला मंचन करेगी। वहीं श्री रामलीला सभा की ओर से शोभायात्रा के साथ रावण दहन का आयोजन होगा। इस बार के आयोजन में यह भी खास बात है कि कर्ण नगरी के कलाकार ही रामायण के विभिन्न किरदार निभाएंगे।
गत वर्ष कोरोना के कारण रामलीला नहीं हो पाई। इस बार हालात कुछ ठीक हैं। जबकि 1947 में विभाजन और 1975 में इमरजेंसी के दौरान भी रामलीला का मंचन हुआ था। शहर में केवल एक ही जगह पर रामलीला मंचन होगा। जबकि हर बार कर्ण नगरी की दोनों स्टेज (रामलीला भवन और जनता मंडी) में रामलीला मंचन होता था। 1904 से श्री रामलीला सभा के मंच पर हर साल कोई न कोई क्लब मंचन करता और सभा दशहरा मनाती। वहीं 1906 से श्री रामायण पाठक सभा भी रामलीला का मंचन कर रही है, करीब एक दशक से इनका आयोजन जनता मंडी के मंच पर हो रहा था।
116 साल पहले जिस मंच से हुई थी शुरुआत वहीं होगा इस बार मंचन
श्री रामायण पाठक सभा के अध्यक्ष विजय सिंगला का कहना है कि इस बार कोरोना के हालात कुछ ठीक हैं। ज्यादा भीड़ नहीं होने देंगे। प्रभु राम के आयोजन को लेकर सभी में उत्साह है, क्योंकि गत वर्ष रामलीला मंचन नहीं हो पाया था। 116 साल से रामलीला करते आ रहे हैं। हमारे क्लब ने रामलीला भवन एवं रामलीला सभा के मंच से ही शुरुआत की थी। कुछ सालों से जनता मंडी में हमने अपनी स्टेज बनाकर यहां रामलीला कर रहे थे। इस बार आयोजन भवन के हॉल में ही होगा।
तीन पीढ़ियां एक साथ मंच पर दिखाएंगी प्यार और तकरार
श्री रामायण पाठक सभा के निर्देशक अनिल गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में करीब 45 कलाकार रामायण के विभिन्न पात्रों का अभिनय करते हैं। जिनमें 10 से 70 वर्ष की आयु के कलाकार शामिल हैं। एक परिवार की तीन-तीन पीढ़ियां एक साथ मंच पर दिखाई देंगी। इसमें अलग-अलग जोड़ियां दिखेंगी। कहीं भाईयों का प्यार और कहीं एक दूसरे के विरोधी दिखेंगे। कलाकार रिहर्सल कर रहे हैं। पहले नवरात्र पर भूमि पूजन के साथ ही आयोजन का आगाज होगा।
वृंदावन और आयोध्या नहीं कर्ण नगरी के कलाकारों को मंच समर्पित
श्री रामलीला सभा के प्रधान अजय जैन ने बताया कि 118 साल से सभा के मंच पर रामलीला होती आ रही थी, इस बार मंच कर्ण नगरी के कलाकारों यानी शहर की संस्था श्री रामायण पाठक सभा को समर्पित किया है। सभा हमारे विशेष आग्रह पर आयोजन कर रही है। जबकि पिछले कई सालों से वृंदावन और अयोध्या के कलाकार यहां मंचन करते रहे हैं। 15 को दशहरा और 16 को भरत मिलाप राज तिलक के अलावा तीन शोभा यात्रा भी सभा की ओर से निकाली जाएंगी।
रामलीला का इस दिन यह होगा मंचन-
07 अक्तूबर : नारद मोह
08 अक्तूबर : श्री राम जन्म
09 अक्तूबर : सीता स्वयंवर
10 अक्तूबर : श्री राम वनवास
11 अक्तूबर : भरत मिलाप
12 अक्तूबर : सीता हरण
13 अक्तूबर : लंका दहन
14 अक्तूबर : लक्ष्मण मूर्छा
15 अक्तूबर : रावण वध
16 अक्तूबर : राज तिलक
इस दिन निकलेगी शोभायात्रा
- 09 अक्तूबर को देवी मां का पंखा।
- 10 अक्तूबर को भगवान राम की बारात।
- 15 अक्तूबर को दशहरा के दिन शोभा यात्रा।