मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने सोमवार को करनाल की मेरठ रोड स्थित सहकारी चीनी मिल के पेराई सत्र उद्घाटन समारोह में वर्चुअल शाहाबाद स्थित सहकारी चीनी मिल की एथेनॉल इकाई का उद्घाटन किया। 60 केएलपीडी शीरा आधारित एथेनॉल इकाई के निर्माण पर करीब 99 करोड़ रुपये की लागत आई है। प्रदेश सरकार की योजना पूरी गंभीरता से चीनी मिलों को घाटे से उभारने की है। इसी कड़ी में क्रमवार चीनी मिलों में बहुउद्देश्यीय परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। जिससे मिलों की आमदनी बढ़ेगी और राज्य सरकार को किसानों को गन्ने का बढ़ा दाम देने में दिक्कत नहीं आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 11 सहकारी चीनी मिल हैं। इन चीनी मिलों का घाटा कम करने के लिए लगातार सरकार प्रयास कर रही है। इन मिलों में बिजली उत्पादन संयंत्र और एथेनॉल संयंत्र लगाए जा रहे हैं। एथेनॉल के संयंत्र लगने से देश को विदेशी मुद्रा का लाभ मिलेगा। सरकार चीनी मिलों को विस्तारित करने में 660 करोड़ रुपये लगा रही है। धीरे-धीरे सभी सहकारी चीनी मिलों में बिजली उत्पादन संयंत्र और एथेनॉल संयंत्र लगाए जाएंगे। इससे चीनी मिलों की आमदनी बढ़ेगी और घाटा कम होगा।
हरियाणा के सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल ने कहा कि सरकार अलग-अलग चीनी मिलों में सल्फर रहित रिफाइंड शुगर पर काम शुरू कर रही है। पिछले साल तीन चीनी मिलों में गुड़ व शक्कर बनाने पर काम शुरू किया। इस काम को अन्य मिलों में भी बढ़ाया जाएगा पहले चीनी मिलों में भुगतान की समस्या रहती थी लेकिन राज्य सरकार की ओर से चीनी मिलों को ऋण व अनुदान देकर सभी किसानों का समय पर फसल भुगतान किया जा रहा है। गन्ने की सीओ-15023 किस्म को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। इस किस्म से चीनी रिकवरी ज्यादा है।