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स्कूलों में लौटी रौनक, उत्साहित दिखे विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक

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कोरोना के मामले घटने से 40 दिन बाद स्कूलों में रौनक लौटी। वीरवार को पूरी क्षमता के साथ स्कूल खोले गए। इससे विद्यार्थियों के अलावा शिक्षक और अभिभावक भी उत्साहित दिखाई दिए। सहपाठियों और शिक्षकों के साथ बच्चों ने अपनी छुट्टियों के किस्से भी साझा किए।
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पहले दिन कक्षा पहली से 9वीं तक राजकीय एवं हरियाणा बोर्ड के स्कूलों में 26 प्रतिशत उपस्थिति रही। वहीं निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे। इसी तरह कक्षा 10वीं से 12वीं कक्षा में 50 प्रतिशत तक उपस्थिति रही। तापमान और अभिभावकों की अनुमति पत्र की जांच के बाद ही विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया।
कक्षाओं में भी सामाजिक दूरी का पालन करते हुए विद्यार्थियों को बैठाया गया। मिड डे मील नहीं मिला, ऐसे में विद्यार्थियों ने घर से लाया हुआ खाना ही एक दूसरे के साथ मिलकर खाया। छुट्टी के समय कई विद्यार्थियों के अभिभावक भी उन्हें लेने पहुंचे। कक्षा लगाने के बाद अभिभावकों से मिलकर विद्यार्थियों के चेहरे भी खिले दिखाई दिए। इधर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सोमवार से छात्र संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है। जिले में हरियाणा बोर्ड और सीबीएसई के मिलाकर 1100 के करीब स्कूल हैं, जहां ढाई लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं।
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ये है गाइडलाइन
- विद्यालय का समय अध्यापकों के लिए सुबह 9 बजे से दोपहर 2:30 बजे और विद्यार्थियों के लिए सुबह 9 बजे से दोपहर एक बजे तक रहेगा।
- विद्यार्थी अपने साथ घर से दोपहर का भोजन लेकर आएंगे। मिड डे मील के तहत दिया जाने वाला राशन पूर्व की भांति वितरित किया जाएगा।
- विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन, मुख्यमंत्री दूरवर्ती शिक्षा जारी रखते हुए विद्यालय खोले जा रहे हैं।
- ऐसे विद्यार्थी जो ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े रहकर पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, उन्हें इसकी अनुमति रहेगी।
- विद्यार्थी अपने अभिभावकों की लिखित अनुमति मिलने पर ही स्कूल आएंगे।
- विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर कोई बाध्यता नहीं रहेगी, न ही किसी प्रकार का दबाव बनाया जाएगा। यह पूरी व्यवस्था अभिभावकों की सहमति पर ही निर्भर होगी।
टीकाकरण न कराने, खराब स्वास्थ्य वाले विद्यार्थी भेजे वापस
प्रवेश के दौरान कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की भी जांच हुई। इस दौरान ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने टीकाकरण नहीं कराया था और अब तक स्कूल भी नहीं आए थे। आज ऐसे भी कई विद्यार्थी स्कूल पहुंचे थे प्रवेश पर उन्होंने कहा कि टीकाकरण की उनकी आयु नहीं है लेकिन जब कक्षा 10वीं से 12वीं के बीच के विद्यार्थी पाए गए तो टीकाकरण न होने की स्थिति उन्हें वापस भेज दिया गया।
कई स्कूलों में टीकाकरण शिविर भी लगे
जिले में अभी तक तीन प्रतिशत किशोरों का टीकाकरण नहीं हुआ है। वहीं स्कूल खुलने पर कई जगह टीकाकरण शिविर का आयोजन भी किया गया। तरावड़ी, करनाल शहर, असंध और मूनक के कई स्कूलों में टीकाकरण शिविर लगा। इस दौरान बिना डोज लगवाए पहुंचे विद्यार्थियों का टीकाकरण भी किया गया। इसके अलावा शिक्षकों और आसपास के लोगों को भी डोज लगाई गई।
फोटो-- 62 नंबर है।
वर्जन-
40 दिन बाद छोटे बच्चों के लिए स्कूल खुलने से रौनक भी लौटी है। जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। विद्यार्थियों में खासा उत्साह है। ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी दिया जा रहा है। अगले सप्ताह से छात्रों की उपस्थिति दर बढ़ने की उम्मीद है।
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- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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