संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हिसार के हांसी में भूमि भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) हिसार और भूमि अधिग्रहण कार्यालय पंचकूला के दो पटवारियों को पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन्होंने भूमि अधिग्रहण की मुआवजा राशि दिलाने के लिए 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। दोनों गिरफ्तार पटवारियों को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने पूछताछ के लिए दोनों को दो दिन के रिमांड पर भेजा है।
जानकारी के अनुसार, कई साल पहले करनाल के एक व्यक्ति की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। मुआवजा भी मिल गया था। उस समय पटवारी शिव कुमार भूमि अधिग्रहण कार्यालय पंचकूला में तैनात था। इसके बाद उसका तबादला हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कार्यालय हिसार में हो गया। एंटी करप्शन ब्यूरो करनाल के प्रभारी इंस्पेक्टर सचिन कुमार ने बताया कि हिसार के एचएसवीपी कार्यालय में तैनात पटवारी शिव कुमार ने करनाल के पूर्व भूमि स्वामी को फोन कर बताया कि उसकी जमीन का ढाई करोड़ रुपये का मुआवजा और बनता है। इसका एस्टीमेट भी तैयार कर लिया गया है। इसमें भूमि अधिग्रहण कार्यालय पंचकूला में तैनात पटवारी अशोक कुमार से बात हो गई है। पूर्व भूमि स्वामी ने पूछा कि ये ढाई करोड़ रुपये का मुआवजा कैसे मिलेगा तो शिव कुमार और अशोक कुमार ने 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। इसमें पांच लाख अग्रिम और 15 लाख रुपये बाद में देना तय हुआ। शनिवार को पांच लाख रुपये की रिश्वत देना करनाल में तय हुआ। इधर, पूर्व भूमि स्वामी ने एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दी। इसके बाद रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार करने की योजना तैयार की गई। नोटों पर रंग लगाकर भूमि स्वामी को दिए गए। शनिवार को करनाल में जैसे ही हिसार जिले के जामवरी गांव के शिवकुमार ने रिश्वत ली, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ की गई तो फिर पंचकूला से अशोक को भी करनाल बुलाया गया, जिसे पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने दोनों को दो दिन के रिमांड पर भेजा है।
भूमि अधिग्रहण का और ढाई करोड़ का मुआवजा दिलवाने की एवज में पटवारियों ने 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। एडवांस के पांच लाख रुपये की रिश्वत के साथ पटवारियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
सचिन कुमार, इंस्पेक्टर, एंटी करप्शन ब्यूरो करनाल।