करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर्स ने आठ मार्च को महिला दिवस को विरोध दिवस के रूप में मनाने का एलान किया है। तालमेल कमेटी का कहना है कि आंगनबाड़ी वर्कर्स मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं लेकिन सरकार उनकी मांगें पूरी करने की बजाय शोषण कर रही है। इससे वर्कर्स में रोष है। महिलाओं ने तीन मार्च को विधानसभा के घेराव से पहले हुई वर्कर्स की गिरफ्तारियों के विरोध में शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान वर्कर्स ने अपनी मांगों के समर्थन और पुलिस के रवैये के खिलाफ नारेबाजी भी की। करीब दो घंटे तक लघु सचिवालय के समक्ष सड़क पर भी डटी रही। मांगों का ज्ञापन डीएसपी को सौंपा।
इससे पहले फव्वारा पार्क में वर्कर्स एकत्रित हुई थी। जहां से जिला प्रधान रूपा राणा और रीना की अध्यक्षता में जुलूस के रूप में लघु सचिवालय पहुंची। उन्होंने कहा कि महिला दिवस के दिन महिलाएं सड़कों पर उतरेंगी। रैली में पहुंचने पर रोक लगाने, केस दर्ज करने, नौकरी से बर्खास्त करने से आंगनबाड़ी वर्कर्स डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वेतन बढ़ोतरी सहित सरकार की घोषणाएं जब तक लागू नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर सीटू के जिला प्रधान सतपाल सैनी, उपप्रधान ओपी माटा, मधु शर्मा, बिजनेश राणा, सर्व कर्मचारी संघ के राज्य कमेटी सदस्य कृष्ण शर्मा मौजूद रहे। ब्यूरो