फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सड़कों पर उतरी आंगनबाड़ी वर्कर

विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर बुधवार को अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरीं। कर्ण पार्क से डब्ल्यूसीडीपीओ कार्यालय तक विरोध प्रदर्शन किया। कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। साथ ही एलान किया कि आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की ओर से जिला सचिवालय के सामने 11 और 12 नवंबर को धरना दिया जाएगा। यदि 12 नवंबर तक सरकार ने मांगें नहीं मानी तो राज्य स्तर पर आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन

सीटू प्रदेश महासचिव जय भगवान, यूनियन की राज्य उपाध्यक्ष मधु शर्मा व जिला सचिव बिजनेश राणा ने कहा कि आईसीडीएस और शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लाई गई है। प्ले वे स्कूलों के द्वारा आईसीडीएस को निजी हाथों व एनजीओ को सौंपने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसे आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर सहन नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो घोषणाएं की थी वे आज तक लागू नहीं हुई। महंगाई भत्ता भी केवल एक बार दिया गया, जबकि उसके बाद 5 किस्त बकाया है। केंद्र सरकार द्वारा सितंबर 2018 में घोषित वर्कर की बढ़ोतरी के 1500 रुपये व हेल्पर के 750 रुपये आज तक नहीं दिए गए। सुपरवाइजर की पदोन्नति नहीं की जा रही। 40-40 साल सेवा करने के बावजूद किसी प्रकार का सेवानिवृत्ति का लाभ नहीं दिया जा रहा। प्ले वे स्कूलों के नाम पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बिना कोई वेतन दिए तमाम काम करवाने की सरकार की योजना है।
सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी, जगपाल राणा, ओपी माटा और सर्वेश ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी वर्कर एंड हेल्पर को सरकार पक्का करे, न्यूनतम वेतन 24000 लागू करे, डीए की बकाया किस्त लागू हों व एरियर मिले। इस अवसर पर मधु शर्मा, सुदेश और सतपाल ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें