करनाल। मांगों पर सहमति न बनने से खफा आंगनबाड़ी वर्कर्स ने अपनी हड़ताल को 31 मार्च तक आगे बढ़ा दिया है। सरकार के साथ नौवीं बार हुई बातचीत भी विफल रही। इस बार बर्खास्तगी वापस लेने के मुद्दे पर बात अटक गई। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर यूनियन का दावा है कि सरकार ने उन्हें 22 मार्च को विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद मांगों को लागू करने का आश्वासन दिया है।
31 मार्च तक हड़ताल बढ़ाते हुए यूनियन ने 26 मार्च को कलायत में महापंचायत करने का निर्णय लिया है, हालांकि यह महापंचायत पहले 19 मार्च को रखी गई थी लेकिन बातचीत और होली का त्योहार होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। जिला प्रधान रूपा राणा, मधु शर्मा, सचिव बिजनेश राणा और सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी का कहना है कि सरकार केवल वादा करके हड़ताल खत्म कराना चाहती है। जबकि आंदोलन सभी मांगें पूरी होने के बाद ही खत्म होगा। शनिवार को क्रमिक अनशन पर ओमपति बजीदा, केला, किरण, सुदेश, सुनीता, कोमल, रोशनी, संगीता, कमलेश, सुरेंद्र और मंजू बैठी। इस अवसर पर धीरज सिंह रावत, भीम सिंह, सरोज, सर्वेश राणा, कमलजीत कौर, मंजू, मंजूला, सुदेश, संतोष और रीना मौजूद रहे।
सरकार के पास केवल 25 तक मौका
जिला प्रधान रूपा राणा और सीटू उप प्रधान ओपी माटा का कहना है कि सरकार अभी भी कई मुद्दों को अटकाना चाहती है। इसलिए तालमेल कमेटी ने फैसला लिया है की हड़ताल व आंदोलन जारी रहेगा। 26 मार्च की कलायत में होने वाली महापंचायत बहुत विशाल होगी। उसकी तैयारी शुरू कर दी है। गांव-गांव इसके लिए अभियान चलेगा। मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को 25 मार्च तक मौका है। इसके बाद हम आंदोलन को और तेज करेंगे।
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- सरकार हमारे आंदोलन को लटकाना चाहती है। लेकिन हम बिना मांगे मनवाए पीछे नहीं हटेंगे। - प्रिंयका
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- हर बार बातचीत किसी न किसी मुद्दे पर अटक जाती है। सरकार को मांगे माननी ही पड़ेंगी। - मीनू
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जब तक सभी मांगें लंबित रहेंगी तब तक आंदोलन जारी होगा। हमें सभी मांगों पर बात करनी है। - बसंती
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आंदोलन खत्म होने की बजाय और तेज हो रहा है। सरकार को बातचीत करके रास्ता निकालना चाहिए। - रीना
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