नियम 134ए के तहत दाखिलों को लेकर निजी स्कूल एक बार फिर मनमानी पर उतर आए हैं। दाखिले के लिए स्कूल पहुंचने वाले अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को कोर्ट में मामला विचाराधीन होने की बात कहकर वापस भेज रहे हैं। ऐसे स्कूल संचालकों की मनमानी के कारण 1194 विद्यार्थियों के अभिभावक भटकने को मजबूर हैं। इन्हें अभी तक दाखिला नहीं मिला है। वहीं दाखिले के लिए दो दिन का समय ही शेष है। 18 फरवरी दाखिले की अंतिम तिथि है।
जिले के सभी छह खंडों से कुल 3389 विद्यार्थियों ने पात्रता परीक्षा पास की थी। इनमें से अब तक 1464 विद्यार्थियों का दाखिला हो पाया है। जबकि 412 विद्यार्थियों के आवेदनों में खामी के कारण स्कूलों की ओर से निरस्त कर दिए गए। वहीं 314 विद्यार्थियों को दूसरे ड्रा में स्कूल आवंटित ही नहीं किए गए थे। ऐसे में 1194 विद्यार्थियों को अभी दाखिले का इंतजार है।
एक सप्ताह में 38 दाखिले हुए
दूसरे चरण की दाखिला प्रक्त्रिस्या में दूसरे चरण में 665 विद्यार्थियों को शामिल किया गया था लेकिन इनमें से 351 को ही स्कूल आवंटित हो पाए। इस एक सप्ताह के दौरान कुल 38 नए दाखिले हुए हैं। जबकि 13 विद्यार्थियों के आवेदन रद्द किए गए। ऐसे में जिन अभिभावकों के बच्चों के अभी तक दाखिले नहीं हुए वे परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं।
कहां जाएं सरकार, अगले माह हैं परीक्षाएं...
अभिभावक लक्ष्य, अविनाश, विवेक और सतीश का कहना है कि उन्हें बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। ड्रा में नाम आने पर पिछले स्कूल से एसएलसी कटवा लिया था। अब नया स्कूल दाखिला नहीं दे रहा। ऐसे में वे कहां जाएं। सरकार से मांग है कि जल्द दाखिला कराया जाए। अगले माह बच्चों की परीक्षाएं भी प्रस्तावित हैं। वहीं उन अभिभावकों की स्थिति ज्यादा चिंताजनक है, जिनके बच्चों का दूसरे ड्रा में भी नाम नहीं आया।
वर्जन
जिन विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित हुए हैं, उन्हें दाखिला मिलेगा। इसको लेकर स्कूल संचालकों को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। 18 फरवरी तक पोर्टल खुला है। कई स्कूल दाखिले दे रहे हैं।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी