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सऊदी अरब में फंसा युवक सकुशल वतन लौटा

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Young man trapped in Saudi Arabia returned home safely - फोटो : Kaithal
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गांव भूना प्लाट के युवक निशान सिंह पुत्र खजान दास को सऊदी अरब की राजधानी रियात के प्रमुख शहर तबूक से सुरक्षित वापस भारत पहुंचा दिया गया है। अभी वहां तीस ओर भारतीय फंसे हुए हैं। पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर की मदद से अपने घर पहुंचने के बाद निशान सिंह अपने परिजनों के साथ पूर्व विधायक का आभार प्रकट करने पहुंचे। पूर्व विधायक ने इस कार्य में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल व सांसद नायब सैनी का भी आभार जताया है। खजान सिंह, पूर्ण राम, गुड्डू राम, दलीप सिंह, गगन कंबोज, मंगल शर्मा दुसेरपुर व जरनैल सिंह रिवाड़ जंगीर ने बाजीगर का आभार जताया।
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मामले के अनुसार गुहला के गांव भूना प्लाट के निशान सिंह ने भी विदेश के सपने देखे और एक कंपनी के साथ कांट्रेक्ट करके सऊदी अरब चला गया। निशान सिंह ने बताया कि शुरू में सब कुछ ठीक-ठाक था और वह नियमानुसार सभी कागजों के साथ 2014 में सऊदी अरब गया और कंपनी में अन्य युवकों के साथ काम करने लगा। उसने बताया कि करीब दो साल तक उसने जी तोड़ मेहनत की और खूब पैसा कमाया परंतु उसके बाद कंपनी के मालिकों ने वहां काम कर रहे वर्करों को पहले वेतन देने में आनकानी की व बाद में वेतन देना ही बंद कर दिया, जिसके चलते उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा और उनकी भूखों मरने की नौबत आ गई। निशान सिंह ने बताया कि जब न तो कंपनी ने और न ही वहां की सरकार ने उनकी सुनी तो उसने किसी तरह अपने परिजनों से सम्पर्क साधा और गुहला के पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर से गुहार लगाई कि वह सरकार से अपने संबंधों के चलते दखल दे ताकि वह जल्द भारत आ सके। उनके संबंधों के आधार पर निशान सिंह वापस भारत लौट आया। विधायक आवास पर निशान सिंह ने बताया कि उसकी व उसके परिवार के लोगों की आस टूट गई थी और एक दिन उसने बुरी तरह परेशान होकर पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर को मैसेज भेजा और कहा कि आपकी सरकार तक पहुंच है और यदि आप इस संबंध में मेरी कोई मदद करें। अन्यथा उसका शव ही वापस इंडिया आएगा। पूर्व विधायक ने सरकार से मिलकर कुछ कागजी कार्रवाई शुरू करवाई, जिसके बाद धीरे धीरे उसके वतन लौटने का रास्ता साफ होता गया और अब वह अपनी धरती की सौंधी मिट्टी में खुलेआम सांस ले पा रहा है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए निशान सिंह की आंखों से बार बार आंसू छलक आए और उसने कहा कि सऊदी अरब में अभी भी भारत के तीस नौजवान ऐसे ही फंसे हुए हैं, जिन्हें मदद की जरूरत है। हालांकि वह काफी खुशकिस्मत रहा कि वह तीस युवकों में अकेला भारत आने में कामयाब हुआ। निशान सिंह ने बताया कि वे पाकिस्तान को चाहे कितना ही खरा खोटा सुनाते रहें परंतु एक पाकिस्तानी ने टिकट के लिए उसे पैसे दिए। उसने बताया कि कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद जब उसके पास टिकट के पैसों को लेकर संकट पैदा हो गया तो उस समय एक पाकिस्तानी ने उदारता दिखाते हुए उसे पैसे दिए और यहां तक कहा कि भारत जाने के बावजूद यदि उसके पास पैसे वापिस करने का कोई इंतजाम न बने तो रहने देना और मेरी तरह से एक गिफ्ट समझकर रख लेना।
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पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर ने कहा कि काम बहुत मुश्किल था, परंतु उनके प्रयास सिरे चढ़ ही गए। बाजीगर ने बताया कि जैसे ही निशान सिंह के परिजन उससे मिले और उन्हें सारी जानकारी से अवगत करवाया तो उन्होंने उसी दिन ठान ली थी कि वह अपने हलके के उक्त युवा को सकुशल भारत लाकर ही रहेगा और उसे बहुत खुशी हुई कि उक्त युवक आज अपने परिवार के बीच में है। उन्होंने इसका सारा श्रेय हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल व कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी को दिया और कहा कि इन्हीं के प्रयास से उनकी मेहनत रंग लाई है।
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