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खर्च किए गए तीन करोड़ बेकार, डंपिंग ग्राउंड में लग रहा कचरे का ढेर

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Three crores spent wasted, a pile of garbage in the dumping ground - फोटो : Kaithal
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खुराना रोड पर जिस डंपिंग ग्राउंड पर कचरे के ढेर को खत्म करने के लिए नगर परिषद ने लगभग 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है। उसी डंपिंग ग्राउंड पर खाली पड़ी जगह में फिर से नगर परिषद ने ही स्वयं कचरे का ढेर लगाना शुरू कर दिया है। जो एनजीटी के निर्देशों का उल्लंघन है। शहर में कहीं और कचरा डालने की जगह न मिलने के कारण परिषद की ओर से यहीं पर कचरा डाला जा रहा है। अब देखना होगा कि यहां कब तक कचरा प्रबंधन शुरू होगा।
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करीब दस दिन पहले नगर परिषद के नोडल ऑफिसर एवं एसडीएम डॉ. संजय कुमार ने एनजीटी के निर्देशानुसार कचरा उठान न करने, कचरा प्रबंधन न करने व कागजातों में कमी के कारण डोर टू डोर एजेंसी का टेंडर रद्द कर दिया था। एजेंसी द्वारा बार-बार नगर परिषद को खुराना रोड पर ही डंपिंग ग्राउंड में जगह उपलब्ध करवाने के लिए पत्र लिखा जा रहा था। लेकिन नगर परिषद की ओर से एजेंसी को अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद एजेंसी का टेंडर तो रद्द कर दिया गया। लेकिन अब स्वयं नगर परिषद द्वारा एनजीटी के निर्देशों का उल्लंघन किया जा रहा है।
नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार परिषद ने टेंडर रद्द होने के बाद 14 टिप्पर, 9 ट्रेक्टर-ट्राली, जेसीबी, लोडर सहित अन्य वाहन किराये पर लेकर शहर से कचरे का उठान शुरू कर दिया। कई कालोनियों में डोर टू डोर कचरा एकत्रित भी किया जा रहा है। जिसे एकत्रित करके खुराना रोड पर उसी डंपिंग ग्राउंड पर डाला जा रहा है। जहां पहले लगे कचरे के अंबार को खत्म करने के लिए 3 करोड़ रुपये से भी अधिक की भारी भरकम राशि खर्च की जा रही है। जबकि एनजीटी का निर्देश है कि कचरे का हर रोज निस्तारण कर कचरा शुन्य किया जाए। यही काम डोर टू डोर की एजेंसी नहीं कर पा रही थी तो उसका टेंडर रद्द कर दिया गया। अब जब यही काम नगर परिषद नहीं कर पा रही है तो इस पर कार्रवाई कौन करेगा। यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है। यदि लंबे समय तक इसी तरह से डंपिंग ग्राउंड पर कचरा एकत्रित किया जाता रहा तो यहां फिर से कचरे का ढेर लग जाएगा। उसके निस्तारण के लिए फिर करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ेंगे। आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
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डोर टू डोर का टेंडर रद्द होने के चलते नगर परिषद अधिकारियों को शहर में कचरा डालने के लिए तुरंत जगह भी नहीं मिल पा रही है। न ही कचरा निस्तारण के लिए आवश्यक व्यवस्था बन पा रही है। जिस कारण एक तरह से इसी डंपिंग ग्राउंड पर कचरा डलवाना अधिकारियों की कहीं न कहीं मजबूरी दिख रही है।
नगर परिषद में सफाई निरीक्षक प्रदीप कुमार ने कहा कि शहर से कचरा उठान के लिए 14 टिप्पर, 9 ट्रैक्टर, जेसीबी, लोडर किराये पर लिए गए हैं। 135 कर्मचारियों द्वारा पूरे शहर से कचरे का उठान किया जा रहा है। उन्हें डीसी रेट के अनुसार भुगतान किया जाएगा। उम्मीद है कि अगले डेढ़-दो माह में यह टेंडर हो जाएगा। इसके बाद संबंधित एजेंसी ही यह काम करेगी। अभी खुराना रोड पर ही खाली जगह में कचरा डाला जा रहा है। कहीं ओर कचरा डालने के लिए जगह उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
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