सुरक्षा जवान की भर्ती के लिए बीडीपीओ कार्यालय में रोजगार मेला लगाया गया। इसमें निजी कंपनी की शर्तों से खफा ज्यादातर युवा बिना साक्षात्कार दिए ही घर वापस लौट गए।
युवाओं का कहना था कि भर्ती करने की सूचना में कंपनी ने किसी प्रकार की कोई फीस लेने की जानकारी नहीं दी। यदि पूरी जानकारी दे देते तो वे भिवानी, जींद और रोहतक से यहां नहीं पहुंचते। अब कंपनी सिक्योरिटी गार्ड में भर्ती होने के लिए 10 हजार 500 रुपये ले रही है और सुपरवाइजर के लिए 40 हजार रुपये ले रही है। अगर उनके पास इतने रुपये देने के लिए होते तो वह कोचिंग लेकर सरकारी भर्तियों की तैयारी कर लेते। कंपनी के क्षेत्रीय अधिकारियों ने कहा कि भर्ती होने वाले युवाओं को प्रशिक्षण के दौरान ड्रेस, ड्यूटी ड्रेस व प्लेसमेंट करवाई जाएगी। इसके लिए भर्ती के इच्छुक अभ्यर्थी से 10 हजार 500 रुपये लिए जा रहे हैं और 350 रुपये में पंजीकरण किया जा रहा है।
सोमवार को सिक्योरिटी गार्ड व सुपरवाइजर की भर्ती के लिए बीडीपीओ कार्यालय में कैथल जिले सहित अन्य जिलों के लगभग 700 युवा पहुंचे। भर्ती के लिए बीडीपीओ कार्यालय के हॉल में सभी युवा सुबह 9 बजे ही पहुंचना शुरू हो गए थे। भर्ती प्रक्रिया को पुरी करने के लिए निजी कंपनी की ओर से कंपनी के क्षेत्रीय अधिकारी सुशील कुमार सुबह 10 बजे पहुंचे। उन्होंने युवाओं की संख्या को देखते हुए लाइन में बैठने और अनुशासन बनाए रखने के लिए कहा। इसके बाद सभी युवाओं को कंपनी की शर्तें बताई।
उन्होंने युवाओं को बताया कि इसमें भर्ती होने के लिए 350 रुपये का पंजीकरण करवाना होगा। इसके बाद सरहिंद मुख्य कार्यालय में सिक्योरिटी गार्ड के लिए एक माह की ट्रेनिंग होगी। इसके लिए अभ्यर्थी को ट्रेनिंग से पहले 10 हजार रुपये भी जमा करवाने होंगे, जिससे एक माह की ट्रेनिंग होने तक अभ्यर्थियों का रहने व खाने का खर्च व दो ड्रेस दी जाएगी। इसके साथ ही सुपरवाइजर के लिए चार माह की ट्रेनिंग व 40 हजार रुपये देने होंगे।
अधिकतर युवा कंपनी की शर्तें सुनने के बाद बिना साक्षात्कार दिए ही वापस लौट गए। कुछ युवाओं ने कंपनी की शर्तों पर सहमति जताई और सिक्योरिटी गार्ड के लिए आवेदन किया। इसके लिए कंपनी के क्षेत्रीय अधिकारी सुशील ने युवाओं की ऊंचाई 168 सेंटीमीटर पैमाइश की और अभ्यर्थियों को पंजीकरण नंबर दिया। इसके बाद युवाओं को 12 नवंबर को मिलने का समय दिया।
भिवानी से पहुंचे नरेश, दीपक, रोहित व अमन ने बताया कि कंपनी ने भर्ती के लिए जो सूचना पहले दी थी, उसके मुताबिक कर्मचारी भर्ती नहीं कर रहे। कंपनी की ओर से भर्ती होने के लिए किसी प्रकार की फीस का कोई जिक्र नहीं किया गया। लेकिन अब युवा भर्ती होने के लिए आ रहे हैं तो इनसे 10 हजार से लेकर 40 हजार तक रुपये लिए जा रहे हैं। अगर उनके पास इतने रुपये देने के लिए होते तो वह कोचिंग लेकर सरकारी भर्तियों की तैयारी कर लेते। यहां तक किराया क्यों भरते और समय बर्बाद क्यों करते।
निजी कंपनी के कर्मचारी सुशील कुमार ने बताया कि जिले के सभी ब्लॉकों से 50 सिक्योरिटी गार्ड व 10 सुपरवाइजर की भर्ती करनी है। कैथल में 29 युवाओं ने आवेदन किया है। सिक्योरिटी गार्ड के लिए 10 हजार 500 रुपये व सुपरवाइजर के लिए 40 हजार रुपये लिए जा रहे हैं। यह ट्रेनिंग के दौरान दो ड्रेस, खाना, रहना व प्लेसमेंट का खर्च होता है।
रोजगार मेले में बीए, एमए, बीएड सहित बड़ी डिग्री धारक युवा भी पहुंचे। युवा सतीश कुमार ने कहा कि उसने बीए तक पढ़ाई की है, लेकिन कहीं नौकरी नहीं मिली। इसलिए रोजगार मेले में भर्ती के लिए आए थे, लेकिन ये 10 हजार रुपये मांग रहे हैं। इतने पैसे उनके पास देने के लिए नहीं है। मनजीत कुमार ने कहा कि उसने बीते वर्ष बीएड किया है। वह नौकरी के लिए भटक रहा है। वह कई रोजगार मेलों में भी जा चुका है, लेकिन ढंग की जॉब नहीं मिल रही। सिक्योरिटी गार्ड के लिए भी अब तो पैसे लगने लगे हैं। जिला रोजगार अधिकारी कुसुम रानी ने कहा कि यह प्लेसमेंट ड्राइव कंपनी ने खुद ही लगाई थी। विभाग की ओर से केवल सूचना के लिए सहयोग किया गया था। साक्षात्कार की शर्तें पहले ही बता दी गई थी।