कैथल। तितरम मोड़ से असंध तक सड़क दो साल में ही जर्जर हो गई। सड़क की हालत यह हो गई है कि उस पर चलना खतरे से खाली नहीं रह गया है। जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी गिट्टियां व्यवस्था को मुंह चिढ़ाने लगी हैं। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
2018-19 में करोड़ों की लागत से बनी सड़क बरसात के दो सीजन ही झेल पाई। सड़क से राहगीरों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन होता है लेकिन विभाग इसकी बदहाली की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। फिलहाल सड़क के बनने के भी आसार कम ही नजर आ रहे हैं। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार यह सड़क अभी एक से दो साल तक और नहीं बनने वाली। कुछ दिनों में इसका सर्वे शुरू होगा। इसके बाद मुख्यालय भेजकर पास करवाया जाएगा। उसके बाद सड़क बनाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसमें लंबा समय लगने की संभावना है। सड़क पर गड्ढों के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं। जर्जर सड़क पर कई हादसे हो चुके हैं। कुछ दिन पहले दुर्घटना में एक युवक की जान भी जा चुकी है लेकिन विभाग का इस तरफ ध्यान नहीं है। यह एकमात्र ऐसी सड़क है, जो चार जिलों को जोड़ती है। कैथल, जींद, करनाल और पानीपत की ओर से आने वाले यात्रियों को इसी सड़क का सहारा लेना पड़ता है।
जाट कॉलेज प्रबंधक समिति के पूर्व प्रधान एवं जजपा के किसान सेल के जिलाध्यक्ष बलवान कोटड़ा ने कहा कि सड़क की बदहाली से लोगों को काफी दिक्कतें हो रहीं हैं। वह जल्द ही इस संबंध में डिप्टी सीएम से मिलकर सड़क निर्माण की मांग करेंगे।
एक्सईएन वरुण कंसल ने कहा कि यह सड़क 2018-19 में बनी थी। अब इसके 2023-24 में बनने की संभावना है। विभाग की ओर से सड़क बनाने के लिए जल्द ही सर्वे किया जाएगा। इसके बाद मुख्य कार्यालय भेजा जाएगा। उसके बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सड़क पर लोगों का आवागमन अधिक रहता है इसलिए यह जल्दी टूट गई। जिन लोगों को कैथल से पानीपत जाना होता है, वे इसी सड़क को चुनते हैं। क्योंकि इस सड़क से जाने पर पानीपत तक दो टोल टैक्स बचते हैं।