सिपाही भर्ती परीक्षा प्रश्नपत्र और आंसर-की लीक का पुलिस ने खुलासा तो कर दिया लेकिन इससे जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब ढूंढना बाकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार लीक गिरोह को कैसे पता था कि परीक्षा में यही प्रश्न पत्र आएगा, जिसकी आंसर-की उनके पास है। क्या हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने केवल एक ही प्रश्न पत्र प्रकाशित करवाया था? या फिर कर्मचारी चयन आयोग से जुड़ा कोई व्यक्ति भी इस गिरोह से जुड़ा हुआ है, जिसने प्रश्न पत्र के संबंध में सटीक जानकारी गिरोह को उपलब्ध करवाई? इन बिंदुओं पर अभी पुलिस जांच करेगी।
दरअसल, नियमानुसार जब भी कोई परीक्षा होती है तो उसके लिए वैकल्पिक प्रश्र पत्र भी तैयार करवाए जाते हैं, ताकि अचानक प्रश्न पत्र लीक होने की आशंका पर बदला जा सके और वैकल्पिक प्रश्नपत्र को उपयोग किया जा सके। लेकिन अब तक कि पुलिस जांच में यह पता चला है कि सात अगस्त को कैथल से पकड़े गए तीन आरोपियों से उसी प्रश्न पत्र की आंसर-की बरामद हुई थी, जो परीक्षा में आया था।
इस बारे में पूछने पर एसपी लोकेंद्र सिंह ने कहा कि अभी प्रेस से जुड़े तीन कर्मचारियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि परीक्षा के लिए एक ही प्रश्न पत्र प्रकाशित करवाया गया था या अन्य प्रश्न पत्र भी थे। साथ ही यह भी अभी पता नहीं चल पाया है कि इन आरोपियों को यह कैसे पता था कि यही प्रश्न पत्र परीक्षा में आएगा। यह अभी जांच का विषय है। जांच पूरी होने के बाद इस बारे में पता लगाया जाएगा।