शहर व शहर के बाहर मुख्य सड़कों पर बनाए गए डिवाइडर हादसों को न्यौता दे रहे हैं। जगह-जगह से डिवाइडर टूट गए हैं। डिवाइडरों के टूटने की वजह से सड़क हादसों की आशंका बनी रहती है।
डिवाइडरों के टूट जाने से वाहन चालक जल्दबाजी में कट से क्रॉस करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इन टूटे डिवाइडरों वाली जगह कोई चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगा है। इस कारण सडक़ पर सीधे जा रहे वाहनों को बीच में वाहन आने की जानकारी नहीं हो पाती है। वह अपनी स्पीड से चल रहे होते हैं और अचानक टूटे डिवाइडर से कोई गाड़ी अचानक घुस आती है, जिससे वाहन चालकों द्वारा वाहन का नियंत्रण नहीं हो पाता है और दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
सड़कों को अलग-अलग करने के लिए सडक़ बीच बनाए हुए हैं डिवाइडर
बता दें कि सड़कों को अलग-अलग करने के लिए बीच डिवाइडर बनाए हुए हैं। ताकि सडक़ दुर्घटनाओं से छूटकारा मिला, लोग आसानी से सफर कर सकें। जाम से मुक्ति मिलें।
कई जगह डिवाइडरों पर सूखे पौधे-डिवाइडरों के बीच में लगाए गए पौधे भी कई जगह सूख गए हैं। प्रदूषण को रोकने के लिए फूलों व अन्य चीजों के पौधे लगाए गए हैं। कुछ लोग अपनी सुविधा के अनुसार डिवाइडर तोड़कर मनमाने स्थानों पर अपनी सुविधा के लिए रास्ता बना रहे हैं।
यहां टूटे डिवाइडर-जींद रोड, गुहला चीका रोड, छात्रावास रोड, करनाल रोड, खुराना रोड नजदीक, ढांड रोड व करनाल रोड पर शुगर मिल के पास डिवाइडरों की हालात खस्ताहाल हैं।
ट्रैफिक एसएचओ रमेश चंद्र ने बताया कि सड़कों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। जल्द ही इस संबंध में जानकारी जुटाकर संबंधित विभाग को सूचित करके इनकी मरम्मत करवाई जाएगी।