कैथल। सोलर पावर पंपिंग योजना का मुख्यमंत्री मनोहरलाल द्वारा ऑनलाइन शुभारंभ होने के बाद डीसी प्रदीप दहिया ने लघु सचिवालय में अधीनस्थों के साथ बैठक की। बैठक में मौजूद योजना के पात्र लोगों को योजना के लाभ बताए। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार थर्मल पावर का कम इस्तेमाल करते हुए सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा आदि संसाधनों की ओर बढ़ रही हैं, ताकि किसानों को कम खर्च में ऊर्जा के संसाधान मिले और उनकी आय दोगुनी हो सके। इससे किसानों को डीजल खर्च बचेगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि पीएम कुसुम यानी प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान के तहत वर्ष 2020-21 में जिले के 475 किसानों को सोलर पंप मुहैया करवाए गए हैं। इसी प्रकार इस वर्ष 2021-22 के लिए 201 किसानों ने आवेदन किए हैं, जिनको सोलर पंप देने की प्रक्रिया जारी है। डीसी प्रदीप दहिया व एडीसी समवर्तक सिंह ने इस योजना का लाभ ले चुके 11 किसानों को सर्टिफिकेट प्रदान किए। सर्टिफिकेट लेने वालों में सजूमा निवासी राजेश कुमार, हरिकेश व राजू, चौशाला निवासी संजीत सिंह, कोटड़ा निवासी कृष्ण, ग्योंग निवासी बलबीर सिंह, प्यौदा निवासी बलजीत सिंह, बालू बिढ़ान निवासी जोगिंद्र, शेरगढ़ निवासी जगबीर सिंह, फ्रांसवाला निवासी राममेहर तथा मानस निवासी राजेश कुमार शामिल हैं। इस मौके पर एडीसी समवर्तक सिंह, डीडीए डॉ. कर्मचंद, डीआईओ दीपक खुराना, सुभाष चंद्र, गुलशन गिरधर, अनीत कुमार, मुकेश कुमार मौजूद रहे।
यह होंगे लाभ
प्रधानमंत्री कुसुम योजना के माध्यम से किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
किसानों को आर्थिक तंगी से नहीं जूझना होगा
जिस भूमि में पानी की कमी के कारण अनाज नहीं उगाया जाता था अब उस जमीन में भी अनाज उगाया जा सकता है।
सोलर पैनल लगनी से सोलर पंप के साथ बिजली भी उत्पन्न की जा सकती है।
सोलर पैनल एक बार लगाने के बाद बार-बार खर्चे नहीं करने पढ़ेंगे।
कुसुम योजना के तहत लगने वाले सोलर पैनलों से जो बिजली बनेगी उसका उपयोग किसान अपने घरों में कर सकते हैं।
योजना के माध्यम से पर्यावरण पर किसी भी तरह का दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा।