डिप्टी डायरेक्टर ने वार्डो की जांच की तो वहां बेडों पर पुरानी चद्दरें बिछी मिली। यह देख उन्होंने कारण पूछा तो सीएमओ ने बताया कि 700 नई चरद्दें खरीदी गई है। इस पर डिप्टी डायरेक्टर ने सख्ती से कहा कि उन्हें प्रयोग में लाया जाना चाहिए।
अल्ट्रासाउंड मशीन न रहे एक दिन भी बंद
टीम ने अस्ट्रालासाउंड केंद्र का निरीक्षण किया, जहां पिछले चार दिन से मशीन बंद थी। मरीज बाहर अल्ट्रासाउंड कराने को खड़े थे। इस पर डिप्टी डायरेक्टर ने जवाब मांगा तो बताया गया कि इंजीनियर तकनीकी खामी को दुरूस्त करने में लगा है जल्द चालू होगी। वहीं इसी दौरान उन्होंने एक्सरे मशीन भी देखी, जो दुरूस्त पाई गई। वहीं लैब पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से व्यवस्था न होने पर डिप्टी डायरेक्टर ने लताड़ लगाई और कहा कि इनके लिए अलग से लाइन तक होनी चाहिए।
खून में नमक जांच के लिए मशीन ही नहीं
जब डिप्टी डायरेक्टर ने लैब में खून में नमक जांच को लेकर प्रयोग की जाने वाली सिरप इलेक्ट्रोलाइट मशीन के बारे में पूछा तो अधिकारी बोले, यह मशीन है ही नहीं। इसके लिए विभाग को मांग भेजी हुई है। यह सुनकर डिप्टी डायरेक्टर हैरान रह गई और कहा कि इसे जल्द मंगवाए प्रयोग में लाया जाए।
सोमवार को ही पहुंची थी एससीएस
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की एसीएस जी अनुपमा ने भी सोमवार को ही अस्पताल का दौरा किया था, जिस दौरान भी कईं कमियां सामने आई थी। हालांकि स्थानीय अस्पताल प्रशासन ने इन्हें दूर करने का प्रयास किया, लेकिन तीसरे दिन ही फिर हुए दौरे ने यहां कई अन्य कमियों की पोल खोल दी। एसीएसए ने बारना स्थित स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया था। डिप्टी डायरेक्टर की टीम ने वहां पर भी निरीक्षण किया। उधर एक टीम ने शाहाबाद के स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया।